दिनांक: 22 सितंबर 2026
स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
हरिद्वार के मेला अस्पताल परिसर स्थित जिला अस्पताल में देर रात दो पक्षों के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। मेडिकल कराने पहुंचे दोनों पक्षों में अस्पताल परिसर में ही दोबारा भिड़ंत हो गई। इसके बाद एक पक्ष के लोग जान बचाने के लिए इमरजेंसी कक्ष के भीतर चले गए और गेट बंद कर लिया। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कई लोग ईंट-पत्थर और धारदार हथियार लेकर इमरजेंसी के बाहर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
हमलावरों ने इमरजेंसी के शीशों पर ईंट-पत्थर बरसाए और भीतर घुसने का प्रयास किया। पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।
आधी रात मेडिकल कराने पहुंचे थे दोनों पक्ष
जानकारी के अनुसार देर रात किसी विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। घटना के बाद दोनों पक्ष मेडिकल जांच कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।
रात करीब 12 बजे अस्पताल परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे पर हमला करने के लिए अस्पताल परिसर में पहुंच गए।
इमरजेंसी में घुसे लोग, गेट बंद कर बचाई सुरक्षा
विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष के कुछ लोग भागकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में घुस गए। ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल लोहे का गेट बंद कर दिया।
इसी दौरान बाहर पहुंचे हमलावरों ने इमरजेंसी के गेट पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इससे इमरजेंसी कक्ष के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों के हाथों में लोहे के धारदार हथियार भी दिखाई दिए।
सीसीटीवी फुटेज में एक हेलमेट पहना व्यक्ति हाथ में धारदार हथियार लेकर इमरजेंसी गेट तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। उसने हथियार लहराते हुए गेट खोलने का प्रयास भी किया।
सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। वायरल हो रहे वीडियो में कई लोग इमरजेंसी के बाहर हंगामा करते और पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं।
फुटेज में कुछ लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर और हथियार भी दिखाई दे रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद पुलिस ने भी इसका संज्ञान लिया है।
अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को दी सूचना
मेला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शशिकांत के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल की ओर आते देखा गया। कई लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर और लोहे के धारदार हथियार नजर आए।
उन्होंने बताया कि भीड़ ने इमरजेंसी कक्ष के शीशे को नुकसान पहुंचाया और अस्पताल के अंदर घुसने की कोशिश की। हालांकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने समय रहते गेट बंद कर दिया, जिससे हमलावर इमरजेंसी के भीतर प्रवेश नहीं कर सके।
इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों व कर्मचारियों की सुरक्षा बनी रही।
पुलिस ने शुरू की आरोपियों की पहचान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हंगामा करने और हमला करने वाले लोगों की पहचान की जा सके।
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि घटना महिला पर फायरिंग से जुड़े मामले से संबंधित है तो उस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में मारपीट और हंगामा करने वाले लोगों की पहचान कराई जा रही है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी सीसीटीवी फुटेज
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दे दी गई थी। अस्पताल प्रशासन की ओर से सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी।
फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
अस्पताल में हंगामे से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर देर रात हथियारों और ईंट-पत्थरों के साथ भीड़ के पहुंचने से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राहत की बात यह रही कि समय रहते इमरजेंसी का गेट बंद कर दिया गया, जिससे हमलावर भीतर नहीं पहुंच सके।
अब पुलिस के सामने अस्पताल परिसर में उत्पात मचाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती है।
निष्कर्ष
हरिद्वार जिला अस्पताल में मेडिकल कराने पहुंचे दो पक्षों का विवाद कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गया। ईंट-पत्थर और धारदार हथियार लेकर पहुंचे लोगों ने इमरजेंसी के बाहर हंगामा किया और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन ने भी फुटेज पुलिस को सौंपने की तैयारी कर ली है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।


