देहरादून | 27 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र की बुनियाद हैं और इन पर लगाए जाने वाले आरोप तथ्यों पर आधारित होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष अक्सर अपनी हार का ठीकरा कभी ईवीएम तो कभी संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ता है।
हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं : धामी
सीएम धामी ने कहा कि जब-जब जनता चुनाव में कांग्रेस को नकारती है, तब-तब राहुल गांधी अपनी हार की जिम्मेदारी संवैधानिक संस्थाओं पर डालने लगते हैं। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग पर सवाल उठाना देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक जनादेश पर सवाल खड़ा करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी संस्था पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सामने रखना चाहिए।
EVM से लेकर संवैधानिक संस्थाओं तक का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के सामने चुनावी हार के बाद कारण तलाशने की चुनौती रहती है और वह कभी ईवीएम तो कभी संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास हासिल करने के बजाय हार के लिए नए कारण तलाशना राजनीतिक रूप से उचित नहीं है।
धामी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को आने वाले समय में भी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के पद की जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि इस पद पर रहते हुए राजनीतिक बयानों में गंभीरता अपेक्षित होती है।
‘राजनीति कम और कॉमेडी ज्यादा’ वाले बयान से बढ़ा सियासी तापमान
मुख्यमंत्री ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता इन दिनों राजनीति कम और कॉमेडी ज्यादा कर रहे हैं।
सीएम धामी की इस टिप्पणी को कांग्रेस के खिलाफ उनके तीखे राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मुद्दों पर तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने चाहिए।
अजीत डोभाल और जनरल बिपिन रावत का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता की ओर से दिवंगत CDS जनरल बिपिन रावत को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेताओं की भाषा पर सवाल उठाए।
धामी ने कहा कि देश की सुरक्षा और सेवा से जुड़े लोगों के बारे में सार्वजनिक बयान देते समय राजनीतिक दलों और नेताओं को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का ध्यान रखना चाहिए।
उत्तराखंड के मुद्दे पर राहुल गांधी को दिया जवाब
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं और नकल विरोधी कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को उत्तराखंड के बारे में बयान देने से पहले प्रदेश में हुई कार्रवाई और रोजगार से जुड़े आंकड़ों की जानकारी लेनी चाहिए।
सीएम धामी के अनुसार, राज्य में नकल से जुड़े मामलों में 100 से अधिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। चुनाव आयोग, संवैधानिक संस्थाओं, भर्ती परीक्षाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार सामने आ रहे हैं। अब कांग्रेस की ओर से सीएम धामी के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।


