रुद्रप्रयाग/ऋषिकेश | 27 सितंबर 2026
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। पहाड़ी जिलों में जारी भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऋषिकेश में गंगा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, वहीं रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी निर्धारित वार्निंग लेवल को पार कर गया है। नदी किनारे बसे इलाकों में बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
गंगा घाटों पर लगातार हो रही लोगों को सतर्क करने की घोषणा
ऋषिकेश में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस की टीम घाटों पर लगातार निगरानी कर रही है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी के नजदीक नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है।
प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और किसी भी तरह की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।
अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर भी बढ़ा
रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। सुबह 10 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.100 मीटर और मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.100 मीटर दर्ज किया गया।
नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) रुद्रप्रयाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन की टीमें नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संभावित आपदा को देखते हुए संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी और गदेरों के आसपास न जाएं। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोग प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
पहाड़ों में सफर से बचने की सलाह
लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की है। बारिश के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने और मौसम की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा पर भी रोक
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए फिलहाल चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ की हेली सेवा भी बंद रखी गई है।
सरकार और प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने और यात्रा मार्गों की स्थिति सुरक्षित पाए जाने के बाद ही आगे की व्यवस्था पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान तीर्थयात्रियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऋषिकेश से लेकर रुद्रप्रयाग तक नदी किनारे के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूरी बनाए रखने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और किसी भी संभावित आपदा से निपटने की तैयारी को लेकर है।


