दिनांक : 24 सितंबर 2026
स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
देहरादून के नालापानी चौक क्षेत्र में दिनदहाड़े एक महिला को जबरन कार में खींचकर ले जाने के प्रयास का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। घटना से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बेटी को कॉलेज बस तक छोड़कर लौट रही थी महिला
जानकारी के अनुसार, नालापानी चौक के पास रहने वाली एक महिला बुधवार सुबह अपनी बेटी को कॉलेज बस तक छोड़ने के लिए चौक पहुंची थी। बेटी को बस में बैठाने के बाद महिला स्कूटी से वापस अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान काली कार में सवार कुछ नकाबपोश लोगों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि बदमाशों ने महिला को रोककर जबरन कार में खींचने का प्रयास किया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से महिला ने हिम्मत नहीं हारी और खुद को बचाने के लिए विरोध किया।
महिला सफाई कर्मचारियों की सतर्कता से नाकाम हुए बदमाशों के मंसूबे
घटना के दौरान मौके के आसपास मौजूद नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारियों ने महिला को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने बदमाशों को ललकारा और मौके पर पहुंचकर विरोध किया। महिला के साहस और सफाई कर्मचारियों की तत्परता के चलते आरोपियों के मंसूबे सफल नहीं हो सके।
इसके बाद कार सवार आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया।
महिला आयोग अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से की सीधी बात
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी और क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा से फोन पर बातचीत कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मामले में रायपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तीन विशेष जांच टीमें गठित की हैं। इसके साथ ही घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
हर संभावित पहलू से जांच के निर्देश
कुसुम कंडवाल ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि घटना को केवल एक सामान्य आपराधिक वारदात मानकर जांच सीमित न रखी जाए। आरोपियों की पहचान, उनके आने का उद्देश्य, उनके आपसी संबंध और महिला को निशाना बनाए जाने के पीछे की वजह समेत प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जाए।
उन्होंने पुलिस को पुरानी रंजिश, आपसी विवाद, सुनियोजित साजिश अथवा किसी अन्य संभावित कारण को भी जांच के दायरे में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही आरोपियों को जल्द से जल्द चिन्हित कर गिरफ्तार करने को कहा।
“महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राजधानी के व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े महिला को जबरन उठाने का प्रयास गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं में भय का माहौल पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई जरूरी है।
पीड़िता के साहस की सराहना
कुसुम कंडवाल ने घटना के दौरान साहस दिखाने वाली पीड़ित महिला की भी सराहना की। साथ ही मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करने वाली नगर निगम की महिला सफाई कर्मचारियों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उनके समय पर आगे आने से बड़ी अनहोनी टल गई।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मामलों पर आयोग गंभीरता से नजर रख रहा है। नालापानी चौक की घटना में भी पुलिस जांच की प्रगति पर आयोग की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
निष्कर्ष
नालापानी चौक की इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अब जांच के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि महिला को निशाना बनाने के पीछे आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इस वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे।


