स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
तारीख : 11 जून 2026
जनजागरूकता कार्यक्रम में खामियां देखकर नाराज हुए जिलाधिकारी, बोले— औपचारिकता नहीं, पूरी तैयारी और जनभागीदारी के साथ हों अभियान
देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर जिला स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तैयारियों में कमी देखकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान नाराज हो गए। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधूरी तैयारियों पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
SIR अभियान को लेकर प्रदेशभर में चल रही है तैयारी
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नामों को हटाने के साथ-साथ वास्तविक पात्र मतदाताओं की जानकारी को अद्यतन किया जा रहा है।
इस अभियान की सफलता के लिए जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया से जुड़ सकें और निर्वाचन व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग दे सकें।
आईटी पार्क के पास आयोजित था जागरूकता कार्यक्रम
देहरादून में भी इसी उद्देश्य से आईटी पार्क के निकट एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के तहत एसआईआर अभियान से जुड़े प्रचार-प्रसार वाहन को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना था। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के प्रति जागरूक करने वाला था।
निर्धारित समय के अनुसार कार्यक्रम शुरू हुआ और जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्होंने देखा कि कार्यक्रम की तैयारियां अपेक्षित स्तर की नहीं थीं और कई व्यवस्थाएं अधूरी थीं।
अधूरी तैयारी पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं की कमी देखकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन और निर्वाचन आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण अभियानों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं लिया जा सकता। ऐसे आयोजनों में पूरी तैयारी, बेहतर समन्वय और आम जनता की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भविष्य में किसी भी कार्यक्रम का आयोजन पूरी तैयारी और स्पष्ट कार्ययोजना के साथ करने के निर्देश दिए, ताकि सरकार की योजनाओं और जनहित से जुड़े अभियानों का उद्देश्य सही तरीके से पूरा हो सके।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद लगातार सक्रिय हैं डीएम आशीष चौहान
हाल ही में देहरादून जिले की कमान संभालने वाले जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान लगातार प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। शहर की सड़कों की स्थिति, आम नागरिकों की शिकायतों और विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ वह विभिन्न विभागों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यशैली अपनाने के निर्देश देते रहे हैं।
एसआईआर जागरूकता कार्यक्रम में दिखाई गई उनकी सख्ती को भी प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इससे उन अधिकारियों को भी स्पष्ट संदेश गया है जो योजनाओं और सरकारी अभियानों को केवल औपचारिक प्रक्रिया मानकर अधूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ाते हैं।
मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने का अहम अभियान
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन करते हुए फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें और समय पर आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
निष्कर्ष
देहरादून में एसआईआर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की नाराजगी ने प्रशासनिक मशीनरी को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित से जुड़े अभियानों में लापरवाही या आधी-अधूरी तैयारी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रभावी जनभागीदारी, बेहतर समन्वय और जिम्मेदार कार्यशैली के माध्यम से ही ऐसे अभियानों को सफल बनाया जा सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर दिए गए इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।



