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अल्मोड़ा में मातम: कोसी नदी में डूबे दो युवक, 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार; अलग-अलग हादसों में चार लोगों की दर्दनाक मौत

अल्मोड़ा, उत्तराखंड | 23 जून 2026

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मंगलवार को दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। एक ओर देवस्थल क्षेत्र में कोसी नदी में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर रानीखेत क्षेत्र में एक कार के गहरी खाई में गिर जाने से दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी। दोनों घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे जिले में शोक की लहर है।


कोसी नदी में नहाना पड़ा भारी, दो युवकों की गई जान

जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा मुख्यालय से पांच दोस्त देवस्थल क्षेत्र के निकट कोसी नदी किनारे घूमने और समय बिताने के लिए पहुंचे थे। गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए सभी युवक नदी में उतर गए और नहाने लगे। इसी दौरान दो युवक नदी के उस हिस्से में पहुंच गए जहां पानी अत्यधिक गहरा था और बहाव भी तेज था।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक अचानक संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में फंस गए। साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। देखते ही देखते दोनों युवक नदी में लापता हो गए।


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।


मृतकों की पहचान 26 वर्षीय सोनू कनवाल निवासी दुगालखो, अल्मोड़ा और 37 वर्षीय धीरज गड़िया निवासी मोटाहल्दू, हल्द्वानी (मूल निवासी बागेश्वर) के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया।


नदी किनारे पार्टी के दौरान हुआ हादसा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक नदी किनारे पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान वे नहाने के लिए पानी में उतरे थे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी, नालों और जलधाराओं के आसपास विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।


रानीखेत में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में समाई कार

जिले की दूसरी बड़ी घटना रानीखेत क्षेत्र के सोनी बिनसर मार्ग पर हुई, जहां एक डस्टर कार अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।


दुर्घटना की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ पोस्ट भिकियासैंण से उपनिरीक्षक पुष्कर जीना के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि वाहन बीती रात दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और गहरी खाई में गिरा पड़ा था।


खड़ी ढलान, घने जंगल और दुर्गम भूभाग के बीच एसडीआरएफ जवानों ने जोखिम उठाते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया। घंटों की मशक्कत के बाद दोनों शवों को खाई से बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया गया।


एक मृतक की पहचान, दूसरे की शिनाख्त जारी

पुलिस के अनुसार मृतकों में एक की पहचान जीवन चंद्र जोशी पुत्र पूरन सिंह जोशी निवासी हल्द्वानी के रूप में हुई है। जबकि दूसरे मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। पुलिस अज्ञात मृतक की शिनाख्त के प्रयास कर रही है और मामले की जांच जारी है।


पौड़ी में भी खाई से मिला मजदूर का शव

इसी बीच पौड़ी गढ़वाल जिले से भी एक दुखद खबर सामने आई है। गुमखाल क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव गहरी खाई में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ पोस्ट सतपुली की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया।


बताया गया कि हयात होटल के नीचे राष्ट्रीय राजमार्ग से करीब 250 मीटर गहरी खाई में शव पड़ा हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक होटल में मजदूरी का कार्य करता था और 20 जून को सामान लेने के लिए गुमखाल गया था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।


एसडीआरएफ टीम ने रोप तकनीक की मदद से गहरी खाई में उतरकर शव तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकालकर जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।


निष्कर्ष

अल्मोड़ा जिले में एक ही दिन में सामने आए दो बड़े हादसों ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। कोसी नदी में डूबने और रानीखेत में कार दुर्घटना जैसी घटनाएं पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को फिर उजागर करती हैं। वहीं पौड़ी में खाई से मिले शव की घटना ने भी लोगों को झकझोर दिया है। प्रशासन ने लोगों से विशेषकर बरसात के मौसम में नदी-नालों और दुर्गम मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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