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कर्णप्रयाग-नगरासू विवाद पर सीएम धामी का सख्त संदेश: दोषियों पर होगी कार्रवाई, अफवाह फैलाने वालों को भी नहीं मिलेगी राहत

देहरादून, 23 जून 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल ही में सामने आए विवादों को लेकर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं से दूर रहने की अपील भी की।


बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में आने वाले सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं का खुले दिल से स्वागत करता है और राज्य की पहचान सदियों पुरानी आस्था, संस्कृति तथा अतिथि सत्कार की परंपरा से जुड़ी हुई है।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। यहां आने वाले श्रद्धालु धार्मिक दर्शन के साथ-साथ प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का भी अनुभव करते हैं। ऐसे में यात्रा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी अफवाह या गलत सूचना को गंभीरता से लिया जाएगा।


कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल ही में हुए विवादों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को उसकी पहचान, समुदाय या किसी अन्य आधार पर विशेष छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।


बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा हेमकुंड साहिब यात्रा में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और पिछले वर्ष की तुलना में शुरुआती चरण में ही लगभग 25 हजार अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमकुंड साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब जैसे पवित्र धार्मिक स्थल उत्तराखंड की गौरवशाली आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा हैं। हर वर्ष देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और भड़काऊ संदेशों को लेकर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ तत्व समाज और विभिन्न समुदायों के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जो सामाजिक एकता और सद्भाव के लिए नुकसानदायक है। ऐसे लोगों की गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर है।


मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने, समाज में वैमनस्य फैलाने या झूठी सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति आपसी सम्मान, भाईचारे और सद्भाव की रही है तथा इस परंपरा को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।


उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें और अफवाहों से बचें। साथ ही सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें ताकि राज्य की शांति और धार्मिक वातावरण प्रभावित न हो।


निष्कर्ष

कर्णप्रयाग और नगरासू विवाद के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह बयान राज्य सरकार के स्पष्ट रुख को दर्शाता है। सरकार एक ओर जहां चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश भी दे रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड में कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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