दिनांक: 3 मई 2026 | स्थान: काशीपुर, उधम सिंह नगर
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को नहर में फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का 36 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतक का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है।
मामले का खुलासा 1 मई को उस समय हुआ, जब उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के थाना स्वार क्षेत्र निवासी चंद्रवती ने काशीपुर के कोतवाली आईटीआई में अपने बेटे कुलवंत सिंह के लापता होने की तहरीर दी। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को कुलवंत अपनी पत्नी से मिलने के लिए काशीपुर के वांसखेड़ा गांव जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने जब कुलवंत की पत्नी से पूछताछ की तो उसने गुमराह करने वाली जानकारी देकर मामले को टालने की कोशिश की। वहीं, स्थानीय लोगों से पता चला कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद से कुलवंत का कोई पता नहीं चला। इससे परिजनों का शक और गहरा गया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और सर्विलांस की मदद ली। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि महिला का कपिल मौर्या उर्फ राहुल मौर्या निवासी मसवासी (रामपुर) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटना के दिन दोनों की लोकेशन भी एक ही स्थान पर पाई गई, जिससे शक यकीन में बदल गया।
सख्ती से पूछताछ करने पर महिला ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर उसे प्रताड़ित करता था। इसी से तंग आकर उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत 25 अप्रैल को महिला ने अपने प्रेमी से जहर, शराब और अन्य सामान मंगवाया। इसके बाद उसने शराब में जहर मिलाकर अपने पति कुलवंत को पिला दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद महिला ने अपने प्रेमी को बुलाया और दोनों ने मिलकर शव को एक अल्टो कार में रखकर एनएच-74 बाईपास पुल से तुमड़िया डैम की बड़ी नहर में फेंक दिया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और सामान्य जीवन जीने का दिखावा करते रहे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली आईटीआई पुलिस और एसओजी टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम नहर में सघन सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अभी तक मृतक का शव बरामद नहीं हो पाया है।
निष्कर्ष
काशीपुर की यह घटना रिश्तों में बढ़ती दरार और अवैध संबंधों के खतरनाक परिणाम को उजागर करती है। मामूली विवाद और व्यक्तिगत स्वार्थ ने एक परिवार को उजाड़ दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामला उजागर जरूर हो गया, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि आपसी मतभेदों का समाधान हिंसा नहीं हो सकता।


