रुद्रप्रयाग, 13 जून 2026
उत्तराखंड के प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम और विश्वप्रसिद्ध चंद्रशिला ट्रैक पर इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी संख्या में लोग बाबा तुंगनाथ के दर्शन और चंद्रशिला शिखर तक ट्रैकिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच मौसम में अचानक बदलाव और खराब परिस्थितियों की आशंका को देखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस और स्थानीय प्रशासन को विशेष एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
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मंदिर परिसर में लाइन से करें दर्शन, भीड़ न बढ़ाने की अपील
रुद्रप्रयाग पुलिस ने तुंगनाथ धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ के कारण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए सभी श्रद्धालु केवल निर्धारित कतार (लाइन) में लगकर ही दर्शन करें और धक्का-मुक्की या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न होने दें।
पुलिस ने यह भी अपील की है कि दर्शन करने के बाद श्रद्धालु अनावश्यक रूप से मंदिर परिसर में रुकने के बजाय सुरक्षित तरीके से अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो जाएं, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को भी सुगमता से दर्शन का अवसर मिल सके और परिसर में भीड़ का दबाव कम रहे।
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भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी के बाद बड़ा फैसला
मौसम विभाग की ओर से क्षेत्र में भारी बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है। मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने एहतियातन चंद्रशिला ट्रैक को दोपहर 12 बजे के बाद पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है।
प्रशासन का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम कुछ ही मिनटों में अचानक बदल सकता है, जिससे ट्रैकिंग कर रहे लोगों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यह कदम उठाया गया है।
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दोपहर 12 बजे के बाद चंद्रशिला ट्रैक पर जाने की मनाही
रुद्रप्रयाग पुलिस ने स्पष्ट रूप से निर्देश जारी किए हैं कि दोपहर 12:00 बजे के बाद कोई भी श्रद्धालु या पर्यटक चंद्रशिला ट्रैक की ओर न जाए। ट्रैक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और सुरक्षा बलों को भी इस संबंध में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में फिसलन, दृश्यता कम होने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सभी यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और निर्धारित समय के बाद ट्रैक पर जाने का प्रयास न करें।
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श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सभी तीर्थयात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करने और यात्रा से पहले आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सभी की प्राथमिकता है और श्रद्धालुओं के सहयोग से ही यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि मौसम सामान्य होने और परिस्थितियां अनुकूल होने पर आगे की स्थिति के अनुसार ट्रैक संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में हर साल उमड़ती है बड़ी संख्या में भीड़
तृतीय केदार तुंगनाथ धाम और चंद्रशिला ट्रैक उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान यहां देशभर से हजारों श्रद्धालु और ट्रैकिंग प्रेमी पहुंचते हैं। समुद्र तल से अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण इस क्षेत्र में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता है, जिससे प्रशासन को समय-समय पर सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करनी पड़ती है।
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निष्कर्ष
तुंगनाथ धाम और चंद्रशिला क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और मौसम विभाग की खराब मौसम संबंधी चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मंदिर में व्यवस्थित दर्शन, अनावश्यक भीड़ से बचाव और दोपहर 12 बजे के बाद चंद्रशिला ट्रैक बंद रखने का निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए अपनी यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाएं।


