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बैरागीवाला हिंसा की आग में बुझ गईं शादी की खुशियां, दो बेटियों की बारात गांव नहीं पहुंच सकी

देहरादून/विकासनगर, 14 जून 2026

विकासनगर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में पानी के विवाद को लेकर हुई हिंसक घटना और एक व्यक्ति की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस तनाव का सबसे दर्दनाक असर उस मुस्लिम परिवार पर पड़ा, जहां रविवार को दो बेटियों की शादी होनी थी। जिस घर में शहनाई गूंजने और मेहमानों की रौनक रहने वाली थी, वहां हालात ऐसे बने कि खुशियों की जगह सन्नाटा और भय का माहौल छा गया।

दो बेटियों की शादी की तैयारियां धरी रह गईं

बैरागीवाला निवासी अब्दुल ने अपनी दोनों बेटियों की शादी के लिए कई दिनों से तैयारियां कर रखी थीं। 14 जून को सहारनपुर से दोनों बारातें गांव पहुंचनी थीं। घर में टेंट लगाया जा चुका था, मेहमानों के स्वागत और भोज की पूरी व्यवस्था की जा रही थी। परिवार और रिश्तेदार शादी की रस्मों में व्यस्त थे, तभी शनिवार शाम गांव में हुए खूनी विवाद ने पूरा माहौल बदल दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें विनोद नामक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

तनाव के चलते गांव में नहीं हो सकी शादी

घटना के बाद रविवार सुबह से ही गांव में भारी संख्या में लोग जुटने लगे। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति बन गई। इसी बीच कुछ स्थानों पर आगजनी और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई।

अब्दुल के घर पहले से मौजूद शादी के मेहमान खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सुरक्षा के बीच मेहमानों को गांव से बाहर निकाला। परिवार ने भी एहतियातन दोनों बेटियों को रिश्तेदारों के यहां हरबर्टपुर भेज दिया, ताकि विवाह कार्यक्रम सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके।

हरबर्टपुर में रिश्तेदारों के घर से हुई बेटियों की विदाई

अब्दुल ने बताया कि गांव में निर्धारित स्थान पर शादी कराना संभव नहीं रहा। इसके बाद परिवार ने आपात स्थिति में फैसला लेते हुए विवाह समारोह को हरबर्टपुर स्थित रिश्तेदार के घर स्थानांतरित कर दिया। सहारनपुर से आई बारातें भी वहीं पहुंचीं और दोनों बेटियों का विवाह सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न कराया गया।

हालांकि, जिस घर को सजाया गया था और जहां उत्सव का माहौल होना था, वहां दिनभर खामोशी पसरी रही। शादी की सारी तैयारियां अधूरी रह गईं और परिवार को असाधारण परिस्थितियों में अपनी बेटियों को विदा करना पड़ा।

पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाले गए मेहमान

परिवार के अनुसार, घटना के बाद गांव का माहौल लगातार बिगड़ता गया। शादी में शामिल होने आए रिश्तेदारों और मेहमानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सुरक्षा घेरे में गांव से बाहर पहुंचाया।

अब्दुल का कहना है कि घटना से ठीक पहले वह गांव के लोगों को शादी का निमंत्रण देने गया था, तभी उसे पड़ोस में हुए विवाद और हिंसा की सूचना मिली। जब वह घर लौटा तो गांव का माहौल पूरी तरह बदल चुका था और परिवार को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी।

वर्षों से साथ रह रहे दोनों समुदायों के बीच बढ़ी चिंता

अब्दुल ने बताया कि बैरागीवाला गांव में लंबे समय से हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। लेकिन इस घटना के बाद पैदा हुए तनाव ने पूरे गांव का माहौल प्रभावित कर दिया है। उनका कहना है कि पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिली है, जब एक पारिवारिक खुशी भी भय और असुरक्षा के साये में दब गई।

स्थानीय प्रशासन ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

बैरागीवाला की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर उन परिवारों पर भी पड़ा जो जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अवसरों की तैयारी कर रहे थे। दो बेटियों की शादी, जो पूरे गांव के लिए खुशी का अवसर बन सकती थी, तनाव और हिंसा की वजह से अपने मूल स्थान पर आयोजित नहीं हो सकी। यह घटना सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है, ताकि किसी भी परिवार की खुशियां ऐसे हालात की भेंट न चढ़ें।

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