देहरादून/विकासनगर, 14 जून 2026
सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता एवं शिक्षक विनोद कश्यप की हत्या के बाद रविवार को माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता गांव में एकत्र हुए। इस दौरान आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ और हालात तब और बिगड़ गए जब आक्रोशित भीड़ ने आरोपितों के घरों की ओर रुख कर दिया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की।
पानी के विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप
जानकारी के अनुसार, बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के लिए गूल (नहर) के पानी के उपयोग को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। शनिवार देर शाम यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान एक पक्ष के कई लोग हथियारों से लैस होकर भाजपा नेता विनोद कश्यप के घर में घुस गए और परिवार पर हमला कर दिया।
हमले में विनोद कश्यप के सिर पर हथौड़े से गंभीर वार किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में उनके भाई अशोक कुमार, राजेश तथा भाभी सुषमा भी घायल हो गए, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।
शिक्षक होने के साथ भाजपा संगठन में भी सक्रिय थे विनोद कश्यप
मृतक विनोद कश्यप पेशे से शिक्षक थे और भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी मोर्चा में जिला सोशल मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनकी हत्या की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचने लगे और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठने लगी।
आक्रोशित भीड़ ने किया प्रदर्शन, आरोपितों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी
हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन कर रही भीड़ ने आरोपितों के घरों की ओर बढ़ते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों से जुड़े दो मकानों और दो दुकानों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। हालांकि, भीड़ का एक वर्ग पूरे निर्माण को ध्वस्त करने की मांग पर अड़ा रहा। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया तथा पथराव की घटना हुई।
पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
पुलिस पर पथराव होने के बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी गई। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी करते रहे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।
12 नामजद, चार आरोपित गिरफ्तार
सहसपुर कोतवाली पुलिस ने मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर के आधार पर 12 लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रज्जाक, इम्तियाज, अमन, युनुस, शहबाज, शराफल अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद समेत अन्य 30 से 35 लोग लाठी-डंडे, हथौड़े और बेलचे लेकर घर में घुस आए और परिवार पर जानलेवा हमला किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों—रज्जाक, सलमान, जावेद और शहबाज—को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी व्यक्तियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच तेज, परिजन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी पर अड़े
पुलिस को घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगी है, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, मृतक के परिजन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर अड़े हुए हैं।
प्रशासन की ओर से पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया गया, लेकिन स्वजन ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी आरोपित गिरफ्तार नहीं किए जाते, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, लोग घरों में रहे सीमित
घटना के बाद बैरागीवाला गांव को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।
निष्कर्ष
बैरागीवाला में भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक स्थानीय विवाद ने हिंसक रूप लेकर न केवल एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया, बल्कि पूरे गांव में तनाव और भय का माहौल पैदा कर दिया। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और शेष आरोपितों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।


