अंकिता हत्याकांड से लेकर बेरोजगारी, शिक्षा और कानून व्यवस्था तक—कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरा
स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 13 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल को प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे से पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस दौरे को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं और प्रधानमंत्री से राज्य की जनता के मुद्दों पर जवाब देने की मांग की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड आगमन स्वागत योग्य है, लेकिन चुनावी साल में हो रहे इस दौरे के दौरान उन्हें राज्य की जनता के सामने महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल रोड शो तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के मुद्दों पर स्पष्टता भी जरूरी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर उठे सवाल
गणेश गोदियाल ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में कथित तौर पर शामिल वीआईपी का अब तक खुलासा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने कई बार उत्तराखंड का दौरा किया, लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे पर कभी खुलकर बात नहीं की।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की बात कही गई थी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता
कांग्रेस ने राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर भी सरकार को घेरा। गोदियाल ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग लगातार जंगली जानवरों के हमलों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी जान-माल को खतरा बना हुआ है। उन्होंने पूछा कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।
युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर सवाल
कांग्रेस ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। गोदियाल ने प्रधानमंत्री के पुराने बयान ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ का हवाला देते हुए कहा कि आज भी राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है और युवाओं का भविष्य संकट में है। साथ ही, नशाखोरी की बढ़ती समस्या पर भी चिंता जताई गई।
शिक्षा और शराब नीति पर सरकार घिरी
कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि राज्य में सैकड़ों स्कूल बंद हो चुके हैं, जो चिंता का विषय है। इसके विपरीत, पहाड़ी क्षेत्रों में नई शराब की दुकानों के खुलने को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए गए।
गोदियाल ने कहा कि सरकार राजस्व बढ़ाने के नाम पर शराब और खनन को बढ़ावा दे रही है, जबकि शिक्षा और विकास के मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।
महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर निशाना
कांग्रेस ने महिला अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड को नंबर वन राज्य बनाने का वादा किया गया था, लेकिन आज राज्य महिला अपराध के मामलों में शीर्ष पर पहुंच गया है।
इसके अलावा, उपनल कर्मियों के नियमितीकरण, पूर्व सैनिकों की सुरक्षा और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए।
महंगाई और गैस की कीमतों पर चिंता
कांग्रेस ने घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का कहना है कि आम जनता महंगाई से परेशान है और सरकार इस पर नियंत्रण पाने में विफल रही है।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे से पहले कांग्रेस द्वारा उठाए गए इन सवालों ने राज्य की राजनीति को गर्म कर दिया है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाते हैं और जनता को क्या जवाब देते हैं।


