देहरादून | 28 जुलाई 2026
उत्तराखंड सरकार ने उपनलकर्मियों के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके विभाग में कार्यरत उपनलकर्मियों और संबंधित विभागों के बीच अगले तीन दिनों के भीतर अनुबंध प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने वाले विभागाध्यक्षों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (नेगेटिव रिमार्क) दर्ज किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
मंगलवार को देहरादून स्थित सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ कर्मचारियों के लंबित मामलों, पदोन्नति प्रक्रिया, वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि उपनलकर्मियों के साथ अनुबंध प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में कार्यरत उपनलकर्मियों के साथ तीन दिन के भीतर औपचारिक अनुबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई विभाग निर्धारित समयसीमा में यह कार्य पूरा नहीं करता है तो संबंधित विभागाध्यक्ष के सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में जारी शासनादेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन कर्मचारियों की पदोन्नति 30 जून 2027 तक देय है, उनके प्रमोशन की प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर प्रारंभ कर दी जाए ताकि किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
बैठक में वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसीआर बैच क्रिएशन का कार्य तत्काल पूरा किया जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कर्मचारियों की एसीआर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता और समयबद्ध पदोन्नति के लिए एसीआर का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा मुख्य सचिव ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कृषि विभाग में लागू इस व्यवस्था को उद्यान विभाग तथा कृषि से जुड़ी अन्य लाभार्थी आधारित योजनाओं में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने को कहा। इसके लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने और संबंधित विभागों में इसकी संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने लाभार्थी केंद्रित योजनाओं का संचालन करने वाले सभी विभागों के अधिकारियों के लिए सीबीडीसी प्रणाली पर कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उनका कहना था कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने से योजनाओं का लाभ पारदर्शी, तेज और सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उपनलकर्मियों के अनुबंध, कर्मचारियों की पदोन्नति, एसीआर प्रक्रिया और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने वाले विभागों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी से प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और बढ़ने की उम्मीद है।


