देहरादून | 28 जुलाई 2026
देहरादून के प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी में टौंस नदी पर बने नवनिर्मित पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले को उत्तराखंड शासन ने गंभीरता से लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने मामले की तत्काल प्राथमिक जांच के आदेश जारी करते हुए तीन दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शासन ने साफ कर दिया है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या तकनीकी खामी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार रात हुई भारी बारिश के बाद नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने नए पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया था। घटना की जानकारी सामने आते ही लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा सुरक्षा के दृष्टिगत पुल पर यातायात रोक दिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी पुल की गुणवत्ता और निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे थे।
पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज कुमार पांडेय द्वारा जारी आदेश में क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन के भीतर विस्तृत तकनीकी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंपी जाए। रिपोर्ट में एप्रोच रोड धंसने के वास्तविक कारण, निर्माण प्रक्रिया, डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी पहलुओं, अभिलेखीय साक्ष्यों तथा जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि उत्तरदायित्व तय किया जा सके।
शासन ने अपने आदेश में कहा है कि यह मामला जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जांच में किसी प्रकार की ढिलाई या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग को भी जांच प्रक्रिया की निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार धंसे हुए हिस्से को भरने के साथ-साथ एप्रोच रोड को दोबारा मजबूत किया गया है। मौके पर भारी मशीनरी और श्रमिकों की सहायता से लगातार कार्य किया गया, जिससे मरम्मत का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। अब पुल और एप्रोच की अंतिम तकनीकी जांच तथा सुरक्षा परीक्षण किए जा रहे हैं।

विभाग का कहना है कि सभी तकनीकी मानकों और सुरक्षा संबंधी परीक्षणों के सफल होने के बाद पुल पर यातायात दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि यातायात बहाल करने से पहले किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी प्रकार की संरचनात्मक क्षति नहीं हुई है। उनके अनुसार सोमवार रात हुई तेज बारिश के कारण टौंस नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। नदी का बहाव एक दिशा में केंद्रित होने से एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी का कटाव हो गया, जिससे सड़क के नीचे खाली स्थान बन गया और एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया।
उन्होंने कहा कि शासन केवल मरम्मत कार्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घटना के वास्तविक कारणों की भी गहन जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, निगरानी, तकनीकी परीक्षण या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी, अभियंता और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंसने की घटना के बाद उत्तराखंड शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीन दिन में जांच रिपोर्ट तलब कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मरम्मत कार्य लगभग पूरा होने के बाद सुरक्षा परीक्षणों के उपरांत पुल पर जल्द यातायात बहाल किए जाने की तैयारी चल रही है। शासन का उद्देश्य न केवल आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करना भी है।


