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ऋषिकेश नाबालिग दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी सहित होटल मैनेजर और संचालक गिरफ्तार

ऋषिकेश, देहरादून | 1 सितंबर 2026

ऋषिकेश में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के साथ होटल के मैनेजर और संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में होटल प्रबंधन की भूमिका को लेकर गंभीर तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। जांच के दौरान नाबालिग को बिना उचित पहचान और सत्यापन के होटल में प्रवेश देने, आवश्यक रजिस्टर में विवरण दर्ज नहीं करने तथा घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद होने जैसी बातें सामने आई हैं।

पुलिस ने होटल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए होटल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति के लिए एसडीएम ऋषिकेश को रिपोर्ट भी भेज दी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद होटल और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में सुरक्षा और पहचान सत्यापन व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना है।

पुराने रेलवे स्टेशन के पास होटल में सामने आया था मामला

पुलिस के अनुसार नाबालिग से दुष्कर्म का मामला 30 अगस्त को ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन के समीप चेला चेतराम मार्ग स्थित एक होटल में सामने आया था।

पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की।

मामले में पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।

हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी

पुलिस जांच में मुख्य आरोपी की पहचान सोफियान, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम गढ़ी, थाना जानसठ, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।

घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों और उसके रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही थी।

ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट के अनुसार 31 अगस्त को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को हरिद्वार में सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया, घटना के समय बंद थे सीसीटीवी कैमरे

पुलिस जांच और पूछताछ के दौरान होटल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।

प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट के अनुसार विवेचना में यह बात सामने आई कि घटना से जुड़े समय के दौरान होटल के सीसीटीवी कैमरे बंद थे।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी कैमरे किस कारण से बंद थे और इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य भूमिका तो नहीं थी।

बिना पहचान सत्यापन के नाबालिग को होटल में प्रवेश देने का आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नाबालिग को होटल में ठहरने के लिए आवश्यक पहचान और सत्यापन प्रक्रिया पूरी किए बिना प्रवेश दिया गया।

इसके अलावा होटल में आने वाले लोगों से संबंधित आवश्यक रजिस्टर में भी जानकारी दर्ज नहीं किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने होटल प्रबंधन की भूमिका को गंभीर मानते हुए होटल के मैनेजर और संचालक को मामले में सह आरोपी बनाया।

होटल मैनेजर और संचालक भी गिरफ्तार

विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने होटल के मैनेजर वैभव गुप्ता, उम्र 34 वर्ष, और होटल संचालक राहुल अग्रवाल, उम्र 36 वर्ष, निवासी अद्वैतानंद मार्ग, को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि होटल प्रबंधन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर उन्हें मामले में सह अभियुक्त बनाया गया है।

मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका तथा उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तार से पड़ताल कर रही है।

आरोपी के मोबाइल से मिले आपत्तिजनक फोटो और वीडियो

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी की तलाशी के दौरान उसका मोबाइल फोन बरामद किया गया।

मोबाइल की प्रारंभिक जांच में घटना से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने इन डिजिटल सामग्रियों को जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।

बरामद मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर उसके डाटा की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल में मौजूद सामग्री से घटना से जुड़े अन्य तथ्य या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका के संबंध में कोई जानकारी मिलती है या नहीं।

होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए एसडीएम को भेजी रिपोर्ट

घटना के बाद पुलिस ने होटल प्रबंधन की कथित लापरवाही को गंभीरता से लिया है।

सराय एक्ट के तहत होटल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति के लिए पुलिस ने एसडीएम ऋषिकेश को रिपोर्ट भेज दी है।

अब संबंधित प्रशासनिक स्तर पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई को होटल और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के लिए भी एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

होटल संचालकों को पहचान सत्यापन में लापरवाही न करने की चेतावनी

पुलिस ने होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने वाले प्रतिष्ठानों के संचालकों को पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है।

पुलिस का कहना है कि बिना आवश्यक पहचान सत्यापन के किसी व्यक्ति को कमरा देने और निर्धारित रिकॉर्ड नहीं रखने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

नाबालिगों से जुड़े मामलों में होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

अभिभावकों से बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने की अपील

प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने अभिभावकों से भी अपने बच्चों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों और किशोरों को निशाना बनाने के मामलों को देखते हुए अभिभावकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित खतरों और ऑनलाइन संपर्कों के संबंध में जागरूक किया जाए।

निष्कर्ष

ऋषिकेश में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ होटल प्रबंधन पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस जांच में होटल में पहचान सत्यापन की कथित कमी, आवश्यक रिकॉर्ड दर्ज नहीं करने और घटना के समय सीसीटीवी कैमरे बंद होने जैसे गंभीर तथ्य सामने आने का दावा किया गया है।

इन्हीं तथ्यों के आधार पर होटल के मैनेजर और संचालक को सह अभियुक्त बनाकर गिरफ्तार किया गया है। साथ ही होटल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति के लिए एसडीएम ऋषिकेश को रिपोर्ट भेजी गई है।

फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की गहन जांच कर रही है। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। पुलिस ने होटल संचालकों को पहचान सत्यापन में लापरवाही न करने और अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।

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