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एंजेल चकमा हत्याकांड में बड़ा एक्शन: फरार आरोपी यज्ञराज के खिलाफ स्थायी वारंट, नेपाल दूतावास के जरिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज

देहरादून | 18 जनवरी 2026

एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी को भारत लाने के लिए देहरादून पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है। भारत न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा-110 के तहत जिला न्यायालय से स्थायी वारंट जारी कराकर उसे नेपाल दूतावास भेजा गया है।


पुलिस के अनुसार, त्रिपुरा निवासी 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद नेपाल भागे आरोपी यज्ञराज अवस्थी की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है। हालांकि सीमा पार होने के कारण सीधे गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी, जिसके चलते अब प्रत्यर्पण का कानूनी रास्ता अपनाया गया है।


एसटीएफ उत्तराखंड को आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एसओजी की टीमें नेपाल में स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर लगातार निगरानी कर रही हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।


एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि बीएनएसएस की धारा-110 के तहत जिला जज से स्थायी वारंट जारी कराकर उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल को भेजा गया था। हाईकोर्ट से प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज नेपाल दूतावास को प्रेषित कर दिए गए हैं। अब नेपाल दूतावास की ओर से आरोपी को हिरासत में लेकर दून पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।


गौरतलब है कि 9 दिसंबर को देहरादून में हुए विवाद के दौरान एंजेल चकमा पर चाकू और कड़े से जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो नाबालिगों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि यज्ञराज अवस्थी घटना के बाद नेपाल फरार हो गया था।


आरोपी की तलाश में दून पुलिस की टीमें पहले भी नेपाल भेजी गई थीं, जहां उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संधियों और अधिकार क्षेत्र के कारण गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इसके बाद पुलिस ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर दी।


क्या है बीएनएसएस की धारा-110


एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, भारत न्याय संहिता की धारा-110 मित्र देशों के साथ प्रत्यर्पण से संबंधित विशेष प्रावधान है। यदि कोई आरोपी गंभीर अपराध के बाद विदेश भाग जाता है और उस देश के साथ भारत की संधि या पारस्परिक कानूनी सहयोग व्यवस्था मौजूद है, तो औपचारिक अनुरोध के जरिए उसे वापस लाया जा सकता है। इसके लिए साक्ष्य, चार्जशीट और न्यायालय की अनुमति आवश्यक होती है।


देहरादून पुलिस ने मामले से जुड़े सभी जरूरी कानूनी दस्तावेज तैयार कर उच्च स्तर पर भेज दिए हैं और नेपाल सरकार से भी औपचारिक संपर्क साधा गया है।


निष्कर्ष:
एंजेल चकमा हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा-110 के तहत की जा रही कार्रवाई न केवल इस केस में निर्णायक साबित हो सकती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों के प्रत्यर्पण को लेकर उत्तराखंड पुलिस की एक मजबूत मिसाल भी बनेगी। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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