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कांवड़ मेले के बाद हरिद्वार में युद्धस्तर पर सफाई, 100 से अधिक गंगा घाट हुए स्वच्छ, 9 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया

हरिद्वार | 13 अगस्त 2026

कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद धर्मनगरी हरिद्वार में स्वच्छता अभियान को तेज कर दिया गया है। हरकी पैड़ी सहित शहर के 100 से अधिक गंगा घाटों और मेला क्षेत्र में जमा कूड़े के निस्तारण के लिए नगर निगम, जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं की टीमें लगातार काम कर रही हैं। अभियान के तहत अब तक करीब 9 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है।

एक हजार से अधिक कर्मचारी और 80 कूड़ा वाहन मैदान में

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में चल रहे विशेष सफाई अभियान के तहत गुरुवार को भी हरिद्वार के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। सफाई व्यवस्था को तेजी से सामान्य करने के लिए एक हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों के साथ करीब 80 कूड़ा वाहनों को लगाया गया है।

नगर निगम के साथ जिला पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारी कार्यालय, आपदा प्रबंधन विभाग, वन विभाग और विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की टीमें अभियान में शामिल हैं। गुरुवार को करीब 30 टन कूड़ा एकत्र कर सराय स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट भेजा गया।

शिवरात्रि से अब तक दो हजार मीट्रिक टन कचरा साफ

कांवड़ मेले के अंतिम चरण में शिवरात्रि से दो दिन पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कई इलाकों में कूड़ा उठाने वाले वाहन समय पर नहीं पहुंच पाए थे। इसके चलते गंगा घाटों और मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया था।

प्रशासन के अनुसार, शिवरात्रि से पहले ही गंगा घाटों से करीब 7 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र कर निस्तारण प्लांट भेजा जा चुका था। इसके बाद शिवरात्रि से अब तक करीब 2 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा हटाया गया है। इस तरह अभियान के तहत कुल करीब 9 हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है।

100 से अधिक घाटों की सफाई पूरी

सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी ने बताया कि हरिद्वार के लगभग सभी 100 से अधिक गंगा घाटों को दोबारा साफ कर दिया गया है। मेला समाप्त होने के बाद विशेष अभियान चलाकर उन स्थानों से भी कचरा हटाया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सफाई प्रभावित हुई थी।

बिरला घाट, रोड़ीबेलवाला मैदान, बैरागी कैंप, चमगादड़ टापू और लालजीवाला सहित विभिन्न गंगा घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। सफाई के बाद कई स्थानों पर संक्रमण और गंदगी से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव भी कराया जा रहा है।

700 से अधिक लोगों ने लिया सफाई अभियान में हिस्सा

जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चलाए गए अभियान में 700 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। अभियान के दौरान करीब 30 टन से अधिक कूड़ा एकत्र किया गया, जिसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से निस्तारण के लिए भेजा गया।

इस दौरान स्वयंसेवकों ने सफाई के साथ-साथ स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने के लिए भी जागरूक किया।

शांतिकुंज के 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने संभाला मोर्चा

हरिद्वार के सफाई अभियान में शांतिकुंज की ओर से भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया गया। शांतिकुंज के 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने रोड़ीबेलवाला क्षेत्र में सफाई की। स्वयंसेवकों ने आसपास के लोगों को स्वच्छता और गंगा की निर्मलता बनाए रखने के प्रति जागरूक भी किया।

इसके अलावा आईटीसी मिशन सुनहरा कल और श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की टीमों ने सीसीआर के आसपास के पार्कों और अन्य क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया।

बैरागी कैंप और लालजीवाला में भी विशेष अभियान

नगर निगम और वन विभाग की संयुक्त टीमों ने बैरागी कैंप और लालजीवाला क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान कूड़ा हटाने के साथ तिरंगा रैली भी निकाली गई।

प्रशासन का लक्ष्य कांवड़ मेले के बाद पूरे मेला क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और गंगा घाटों को पूरी तरह स्वच्छ बनाना है। इसके लिए अलग-अलग टीमें लगातार अभियान में जुटी हुई हैं।


सफाई के साथ स्वच्छता का संदेश

कांवड़ मेले के बाद शुरू किया गया यह विशेष अभियान केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है। प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और गंगा घाटों की साफ-सफाई बनाए रखने का संदेश भी दे रही हैं। आने वाले दिनों में भी संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

निष्कर्ष

कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बाद हरिद्वार में जमा हुए कचरे को हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है। करीब 9 हजार मीट्रिक टन कूड़ा हटाए जाने और 100 से अधिक गंगा घाटों की सफाई पूरी होने के बाद अब शहर को पूरी तरह सामान्य और स्वच्छ बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। सरकारी विभागों के साथ बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी इस अभियान को जनसहयोग का व्यापक रूप दे रही है।

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