देहरादून | 12 अगस्त 2026
भूमि धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपियों पर देहरादून पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रायपुर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद कांग्रेस नेता सूरत सिंह नेगी, उनके बेटे हर्षवर्धन सिंह और मोहित कुमार के खिलाफ सार्वजनिक उद्घोषणा की कार्रवाई की। पुलिस टीम ढोल-नगाड़ों के साथ आरोपियों के घर पहुंची और उनके आवास के साथ आसपास के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर न्यायालय की ओर से जारी नोटिस चस्पा किए।
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी लंबे समय से फरार हैं और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए। अब न्यायालय के निर्देश पर उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की गई है।
सवा बीघा जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप
रायपुर थाना पुलिस के अनुसार बनगांव निवासी और वर्तमान में केसरवाला में रहने वाले भानु प्रकाश भट्ट ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सूरत सिंह नेगी, उनके बेटे हर्षवर्धन नेगी और मोहित पुरी ने मजरा जॉलियो क्षेत्र में करीब सवा बीघा भूमि से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
शिकायतकर्ता के अनुसार उक्त भूमि पर वह केयरटेकर के तौर पर काम करते हैं। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि को शिकायतकर्ता और अन्य लोगों को बेचने का प्रयास किया।
तारबाड़ तोड़ने और कब्जे की कोशिश का भी आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जमीन के आसपास लगी तारबाड़ को क्षतिग्रस्त किया और भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर रायपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दी दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून एसएसपी के निर्देश पर रायपुर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।
लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस ने न्यायालय से तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किया। इसके बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
NBW के बाद अब सार्वजनिक उद्घोषणा
गैर-जमानती वारंट के बावजूद आरोपियों के गिरफ्तार न होने पर पुलिस ने न्यायालय से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 84 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई के आदेश प्राप्त किए।
इस प्रक्रिया के तहत आरोपी के घर और सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा कर उसे न्यायालय के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पेश होने के लिए सूचित किया जाता है। आदेश की अवहेलना करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
ढोल-नगाड़ों के साथ पुलिस पहुंची आरोपियों के घर
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मंगलवार, 11 अगस्त को रायपुर थाना पुलिस की टीम तीनों आरोपियों के निवास स्थानों पर पहुंची। पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई।
इसके बाद आरोपियों के मकानों के मुख्य गेट और मोहल्ले के प्रमुख स्थानों पर न्यायालय की ओर से जारी उद्घोषणा के नोटिस चस्पा किए गए। पुलिस ने मुनादी के दौरान आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश होने की जानकारी दी।
साथ ही स्पष्ट किया गया कि न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करने पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भू-माफिया और भूमि धोखाधड़ी पर पुलिस का सख्त रुख
देहरादून में जमीन से जुड़े विवाद और कथित फर्जीवाड़े के मामलों को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि भूमि धोखाधड़ी के मामले में सूरत सिंह नेगी, हर्षवर्धन सिंह और मोहित कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके आवास और सार्वजनिक स्थानों पर न्यायालय के आदेश के तहत नोटिस चस्पा किए गए हैं।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास और तेज होने की संभावना है। यदि आरोपी न्यायालय की ओर से निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष के बाद ही होगी।
निष्कर्ष
देहरादून के रायपुर क्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे कांग्रेस नेता और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ पुलिस की सार्वजनिक उद्घोषणा की कार्रवाई ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। गैर-जमानती वारंट के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर अब न्यायालय के आदेश से उनके घरों और सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।



