76 लाख से अधिक श्रद्धालु भर चुके हैं गंगाजल, पंचक समाप्त होने के बाद और बढ़ेगी भीड़; सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस हाई अलर्ट पर
स्थान: हरिद्वार
तारीख: 03 अगस्त 2026
हरिद्वार में चल रही कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे व्यस्त चरण की ओर बढ़ रही है। लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को उत्तराखंड के आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे और डीआईजी गढ़वाल धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों का दौरा किया, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया।
कांवड़ पटरी और बैरागी कैंप क्षेत्र का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने एसएसपी हरिद्वार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ पटरी, बैरागी कैंप तथा अन्य प्रमुख स्थलों का दौरा किया। उन्होंने यातायात संचालन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात पुलिस बल की तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नए ट्रैफिक प्लान की लगातार हो रही निगरानी
पुलिस प्रशासन इस वर्ष लागू किए गए नए यातायात प्लान की प्रभावशीलता पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न मार्गों पर ट्रैफिक संचालन का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर मौके की परिस्थितियों के अनुसार तत्काल बदलाव किए जा सकें।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी यातायात संबंधी परेशानियों का न्यूनतम सामना करना पड़े।
पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार समन्वय
आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब सहित सभी पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित चुनौती या आपात स्थिति से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि इस बार अंतरराज्यीय समन्वय को कांवड़ मेले की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
श्रद्धालुओं से लिया सीधा फीडबैक
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने कई कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर सुरक्षा, सफाई, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। अधिकांश श्रद्धालुओं ने प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया।
हालांकि अधिकारियों ने मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए, ताकि यात्रा और अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाई जा सके।
76 लाख पार पहुंचा कांवड़ियों का आंकड़ा
कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 76 लाख से अधिक कांवड़िए हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल भर चुके हैं और अपने-अपने गंतव्यों की ओर रवाना हो चुके हैं।
पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि 4 अगस्त को पंचक समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक तेजी आएगी। इसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
डाक कांवड़ को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
प्रशासन ने डाक कांवड़ यात्रा को लेकर भी विशेष तैयारियां की हैं। सभी निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहनों की समुचित व्यवस्था की गई है ताकि यातायात प्रभावित न हो।
अधिकारियों के अनुसार, डाक कांवड़ शुरू होने के बाद कांवड़ पटरी पर भीड़ का दबाव कम होगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन बढ़ जाएगा। ऐसे में हाईवे पर ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की जा रही है।
निष्कर्ष
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी निरीक्षण, श्रद्धालुओं से सीधे संवाद और पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए प्रशासन का पूरा फोकस यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर है।


