हाथीपांव के पास झरने वाली सड़क बनी हादसे की वजह, स्थानीय लोगों ने मार्ग को बताया दुर्घटनाओं का ‘हॉटस्पॉट’, प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग
स्थान: मसूरी, देहरादून
तारीख: 03 अगस्त 2026
देहरादून जनपद के मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर रविवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 32 वर्षीय युवक की जान चली गई। हाथीपांव से करीब तीन किलोमीटर आगे झरने के समीप बाइक के अनियंत्रित होकर फिसल जाने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद एक बार फिर इस मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
झरने के पास फिसली बाइक, अस्पताल में तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, सिटी कंट्रोल रूम 112 के माध्यम से सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही मसूरी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल युवक को 108 एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल मसूरी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान 32 वर्षीय अनूप बंगवाल पुत्र धर्मानंद बंगवाल, निवासी कृष्णा विहार, थानो रोड, रायपुर (देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दे दी है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
लगातार हादसों से बदनाम हो रहा कीमाड़ी मार्ग
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथीपांव से कीमाड़ी तक जाने वाला मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल बना हुआ है। बरसात के मौसम में कई स्थानों पर झरनों का पानी सीधे सड़क पर बहता है, जिससे सड़क अत्यधिक फिसलन भरी हो जाती है। इसके अलावा जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़क, कमजोर किनारे और जल निकासी की खराब व्यवस्था दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है।
स्थानीय निवासी अभिषेक कुमार, दीपक रावत और मोहन ने बताया कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे-बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे।
पर्यटन सीजन में कई गुना बढ़ जाता है खतरा
मसूरी-कीमाड़ी मार्ग प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों और पहाड़ी वादियों के कारण पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। विशेष रूप से मानसून और पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में बाइक और कार सवार इस मार्ग से गुजरते हैं।
ऐसे समय में सड़क की खराब स्थिति, फिसलन और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ा देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटकों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सड़क की स्थिति में तत्काल सुधार आवश्यक है।
पुलिस कर रही है हादसे की जांच
मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हादसा केवल सड़क की खराब स्थिति के कारण हुआ या इसके पीछे अन्य कारण भी जिम्मेदार थे।
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से उठी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मसूरी-कीमाड़ी मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क के फिसलन वाले हिस्सों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, मजबूत क्रैश बैरियर स्थापित किए जाएं तथा प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि सड़क की स्थिति में सुधार केवल यात्रियों की सुविधा का नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
मसूरी-कीमाड़ी मार्ग पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा और रखरखाव की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवा की जान जाने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और वे प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग सड़क की खामियों को दूर कर भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कितनी जल्दी प्रभावी कदम उठाते हैं।


