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केतन लाल हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार; अब तक चार लोग पहुंच चुके हैं जेल

स्थान : टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
तारीख : 11 जून 2026

टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जनपद के लंबगांव थाना क्षेत्र में चर्चित केतन लाल हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


8 जून को दर्ज हुई थी शिकायत, पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप

मामले की शुरुआत 8 जून को हुई, जब देवल गांव निवासी धनपाल लाल ने लंबगांव थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पुत्र केतन लाल और उसके साथी दिवाकर डिमरी के साथ यशवीर सिंह पंवार तथा उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने बेरहमी से मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों युवकों को घर में बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और उनके साथ गंभीर हिंसा की गई।

परिजनों के अनुसार, मारपीट के दौरान केतन लाल को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, उसके साथ मौजूद दिवाकर डिमरी भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसके हाथ में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है। वर्तमान में उसका उपचार जिला अस्पताल बौराड़ी में जारी है।


एससी/एसटी एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर थाना लंबगांव में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टिहरी पुलिस प्रशासन ने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए विशेष जांच शुरू की।

टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्वेता चौबे ने मामले की निगरानी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया, जबकि विवेचना की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक महेश लखेड़ा को सौंपी गई।


तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर हुई नई गिरफ्तारी

पुलिस जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर 11 जून को दो और आरोपियों सचिन सिंह पंवार और सुमित प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले नामजद आरोपी यशवीर सिंह पंवार और विद्या सिंह पंवार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है मामला

प्रारंभिक जांच और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारियों के अनुसार, यह मामला कथित तौर पर प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि केतन लाल को एक नाबालिग लड़की से मिलने के लिए बुलाया गया था। चूंकि केतन के पास स्वयं का वाहन नहीं था, इसलिए वह अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ मोटरसाइकिल से लड़की के गांव पहुंचा।

आरोप है कि गांव पहुंचते ही दोनों युवकों को लड़की के परिजनों और अन्य लोगों ने पकड़ लिया और एक कमरे में ले जाकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत के अनुसार, केतन लाल के साथ इतनी बुरी तरह मारपीट की गई कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि दिवाकर डिमरी घायल अवस्था में उपचाराधीन है।


क्षेत्र में न्याय की मांग, पुलिस पर निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दुख का माहौल है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


निष्कर्ष

टिहरी का केतन लाल हत्याकांड उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा एक गंभीर मामला बन गया है। अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन पूरे घटनाक्रम की सच्चाई और सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने लाना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। प्रदेश की जनता की निगाहें अब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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