स्थान : टिहरी गढ़वाल/देहरादून, उत्तराखंड
तारीख : 11 जून 2026
देहरादून/टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जनपद में एक दलित युवक की कथित तौर पर बेरहमी से की गई पिटाई और बाद में उसकी मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मामला लंबगांव थाना क्षेत्र के खोलगढ़ गांव का है, जहां नाबालिग लड़की से मिलने पहुंचे युवक केतन लाल के साथ कथित रूप से इतनी निर्ममता से मारपीट की गई कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल है तथा लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दोस्ती या प्रेम प्रसंग बना मौत की वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवल गांव निवासी केतन लाल की एक नाबालिग लड़की से मित्रता थी, जिसे स्थानीय स्तर पर प्रेम प्रसंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि 7-8 जून की रात लड़की के मोबाइल से आए कॉल या संदेश के बाद केतन लाल अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ मोटरसाइकिल से खोलगढ़ गांव पहुंचा था। हालांकि, यह भी चर्चा है कि कथित तौर पर लड़की के मोबाइल से उसके परिजनों द्वारा ही संदेश भेजा गया था।
जैसे ही युवक गांव पहुंचा, लड़की के पिता और अन्य परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों युवकों को बंधक बनाकर घंटों तक बेरहमी से पीटा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, मारपीट इतनी क्रूर थी कि केतन की हालत मौके पर ही बिगड़ने लगी थी।
बंधक बनाकर की गई पिटाई, दोस्त भी बना प्रताड़ना का शिकार
मामले में सामने आए आरोपों के मुताबिक, केतन लाल और उसके साथी दिवाकर डिमरी को घर के अंदर रोककर रखा गया और दोनों के साथ गंभीर मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान केतन को लगातार प्रताड़ित किया गया और उसे गंभीर चोटें आईं। आरोप यह भी हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में कई लोग शामिल थे।
घटना के बाद कथित तौर पर आरोपियों ने स्वयं ही केतन के पिता को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गया केतन
केतन लाल के पिता धनपाल लाल ने लंबगांव थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके बेटे और उसके साथी के साथ गांव के कुछ लोगों ने बर्बरता की हदें पार करते हुए मारपीट की। शिकायत में यशवीर सिंह पंवार और उसके परिवार के अन्य सदस्यों सहित कई लोगों पर हमला करने और बंधक बनाकर रखने के आरोप लगाए गए हैं।
गंभीर रूप से घायल केतन लाल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में गुस्सा और तनाव का माहौल बन गया।
मौत से पहले का वीडियो बना चर्चा का विषय
इस दर्दनाक घटना के बीच केतन लाल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। वीडियो में वह गंभीर हालत में पानी मांगते हुए दिखाई दे रहा है और कह रहा है कि, “मुझे बहुत मारा गया है… मैं मर जाऊंगा…”। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को कठोर सजा देने की मांग उठा रहे हैं।
चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब इस प्रकरण में दो और लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इस प्रकार अब तक कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे केवल व्यक्तिगत विवाद था या इसमें जातिगत भेदभाव और सामाजिक पूर्वाग्रह जैसी अन्य परिस्थितियां भी शामिल थीं।
समाज के सामने खड़े हुए कई गंभीर सवाल
टिहरी की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। मित्रता या कथित प्रेम संबंध को लेकर कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति, हिंसा का बढ़ता स्तर और सामाजिक पूर्वाग्रह जैसी चुनौतियां आज भी समाज के सामने मौजूद हैं। किसी भी परिस्थिति में कानून से ऊपर उठकर किसी व्यक्ति के साथ हिंसा करना न केवल अपराध है, बल्कि सभ्य समाज के मूल्यों के भी खिलाफ है।
निष्कर्ष
टिहरी में केतन लाल की मौत ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई निर्मम पिटाई और उसके बाद अस्पताल में हुई मौत ने कानून-व्यवस्था, सामाजिक सोच और मानवता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, ताकि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


