स्थान: लक्सर, हरिद्वार (उत्तराखंड)
तारीख: 21 जुलाई 2026
उत्तराखंड में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही एंटी माइनिंग टीम पर हुए जानलेवा हमले ने कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में अवैध खनन के वाहनों की जांच कर रही टीम पर कथित तौर पर खनन माफियाओं और उनके सहयोगियों ने हमला कर दिया। हमले में टीम के कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और सरकारी वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
अवैध खनन पकड़ने के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार यह घटना 13 जुलाई की है। माइनिंग एजेंसी के फील्ड टीम इंचार्ज तेजा साईं राजू, निवासी नागार्जुन नगर, सत्तेनपल्ली, जिला पलनाडू (आंध्र प्रदेश) ने लक्सर कोतवाली में दर्ज कराई गई तहरीर में बताया कि वह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में अवैध खनन की निगरानी कर रहे थे। सुबह की कार्रवाई के दौरान टीम ने अवैध खनन में संलिप्त दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा और उन्हें प्रशासन के सुपुर्द कर दिया।
शिकायत के मुताबिक, ट्रैक्टर मालिक दीपक चौहान और शाहरून ने वाहन पकड़े जाने से नाराज होकर टीम को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन शाम को स्थिति हिंसक हो गई।
चेक पोस्ट से धर्मकांटे तक पीछा, फिर घेरकर हमला
शाम करीब पांच बजे रायसी माइनिंग चेक पोस्ट पर जांच के दौरान टीम ने खनन सामग्री से भरी एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। टीम वाहन को वजन कराने के लिए धर्मकांटे की ओर ले जा रही थी। इसी दौरान मुंडाखेड़ा गांव के पास आरोपियों ने कार से पहुंचकर एंटी माइनिंग टीम के वाहन को घेर लिया।
आरोप है कि कार सवार लोगों ने पहले सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की और फिर टीम के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने वाहन चालक दीप सिंह को जबरन गाड़ी से बाहर खींच लिया और लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
लोगों के पहुंचने पर आरोपी फरार, ट्रैक्टर भी साथ ले गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। आरोप है कि जाते समय आरोपी खनन से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी अपने साथ ले गए।
घटना के दौरान सरकारी वाहन को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया। अब इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्मचारियों के साथ मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ की घटना स्पष्ट दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
मुकदमा दर्ज, लेकिन आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर
घटना के बाद पुलिस ने तेजा साईं राजू की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों और अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लक्सर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
लक्सर में एंटी माइनिंग टीम पर हुआ यह हमला अवैध खनन माफियाओं के बढ़ते मनोबल और कानून के प्रति उनकी बेखौफ मानसिकता को उजागर करता है। सरकारी टीम पर खुलेआम हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती हैं। अब सभी की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब होती है और अवैध खनन के खिलाफ अभियान को कितनी मजबूती से आगे बढ़ाया जाता है।


