निरीक्षण के दौरान भोजगढ़ी नाले तक पहुंची टीम लौटी वापस, हालात सामान्य होने पर ही खुलेगा रास्ता
स्थान: उत्तरकाशी, उत्तराखंड
तारीख: 13 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के प्रसिद्ध गौमुख ट्रैक पर फिलहाल आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। भारी बर्फबारी के चलते पूरे ट्रैक पर कई फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिससे आम यात्रियों और ट्रेकर्स के लिए मार्ग असुरक्षित बना हुआ है। ऐसे में गौमुख जाने के इच्छुक लोगों को अभी कुछ और समय तक इंतजार करना पड़ेगा।
निरीक्षण टीम को बीच रास्ते से लौटना पड़ा
गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन की संयुक्त टीम हाल ही में ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए निकली थी। यह टीम कनखू बैरियर से भोजगढ़ी नाले तक करीब 11 किलोमीटर का पैदल निरीक्षण कर पाई, लेकिन आगे अधिक बर्फ जमा होने और खराब मौसम के कारण उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।
भोजगढ़ी नाले में जमी भारी बर्फ बनी सबसे बड़ी बाधा
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी समस्या भोजगढ़ी नाले के पास सामने आई, जहां बर्फ की मोटी परत के कारण रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध मिला। टीम ने बताया कि इस क्षेत्र में ट्रैक की स्थिति अभी बेहद जोखिम भरी है, जिससे आम यात्रियों को अनुमति देना संभव नहीं है।
पर्वतारोहियों के लिए जल्द खुल सकता है रास्ता
गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा के अनुसार, निरीक्षण में यह पाया गया कि अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक आंशिक रूप से सुरक्षित हो सकता है। यदि इस सप्ताह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होती है, तो एक सप्ताह के भीतर पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोले जाने की संभावना है।
वहीं, गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी ने स्पष्ट किया कि आम यात्रियों के लिए अभी ट्रैक खोलना सुरक्षित नहीं है और उन्हें फिलहाल इंतजार करना होगा।
सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह
गौमुख ट्रैक पर स्थित आश्रम और जीएमवीएन के गेस्ट हाउस अभी तक नहीं खुले हैं। ऐसे में यात्रियों के ठहरने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है, जो ट्रैक खोलने में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
गौमुख ट्रैक: प्राकृतिक और आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र
गंगोत्री से गौमुख तक लगभग 18 किलोमीटर लंबा यह ट्रैक हिमालय की अद्भुत सुंदरता के लिए जाना जाता है। आमतौर पर इसे दो दिनों में पूरा किया जाता है, जिसमें पहला पड़ाव भोजबासा और दूसरा गौमुख होता है।
यह ट्रैक भागीरथी नदी के उद्गम स्थल तक पहुंचाता है और यहां से दिखाई देने वाली भागीरथी चोटियां, तपोवन का शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य इसे खास बनाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक और ट्रेकर्स यहां पहुंचते हैं।
निष्कर्ष:
गौमुख ट्रैक पर मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन सतर्क रुख अपनाए हुए है। भारी बर्फबारी और खराब ट्रैक के कारण फिलहाल आम यात्रियों की आवाजाही पर रोक जारी रहेगी। हालांकि मौसम साफ रहने पर जल्द ही पर्वतारोहियों के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन सामान्य पर्यटकों को अभी सुरक्षित परिस्थितियों के बनने का इंतजार करना होगा।


