चमोली | 15 अगस्त 2026
चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। शनिवार 15 अगस्त को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे और बचाव कार्य से जुड़ी जानकारी ली तथा श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं।
श्रमिक प्रतिनिधिमंडल ने रखीं कई मांगें
मंत्री मदन कौशिक के सामने श्रमिक प्रतिनिधियों ने हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए उचित आर्थिक सहायता और उनके भविष्य की आजीविका को सुरक्षित करने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद के साथ दीर्घकालिक आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
इसके अलावा घायल श्रमिकों को आर्थिक सहायता देने, उनका नि:शुल्क उपचार कराने और हादसे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी मंत्री के सामने रखी गई।
श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
श्रमिक प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनने के बाद मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और उनके हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से श्रमिकों की ओर से उठाई गई मांगों और राहत-बचाव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि रेस्क्यू अभियान के साथ प्रभावित परिवारों की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
घायलों के उपचार और परिजनों से समन्वय के निर्देश
मंत्री मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हादसे में घायल श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। प्रभावित परिवारों से लगातार समन्वय बनाए रखने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और लापता श्रमिकों की तलाश में अभियान को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
टनल हादसे में दो श्रमिक अब भी लापता
जानकारी के अनुसार, गुरुवार 13 अगस्त की शाम पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन के बाद पानी और मलबे का तेज बहाव टनल के भीतर पहुंच गया था। हादसे के समय टनल में 22 मजदूर मौजूद बताए गए थे।
रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाकर 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। हादसे में आठ श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो श्रमिक अभी भी लापता हैं। लापता श्रमिकों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के लिए राज्य सरकार ने चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
घटनास्थल पर मौजूद रहे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
मंत्री के घटनास्थल निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, भाजपा महामंत्री विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, THDC के अधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे।
अधिकारियों ने मंत्री को रेस्क्यू अभियान की प्रगति, मौके पर उपलब्ध संसाधनों और प्रभावित श्रमिकों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
आगे भी जारी रहेगा बचाव अभियान
प्रशासन का पूरा फोकस फिलहाल टनल के भीतर फंसे या लापता श्रमिकों को तलाशने और प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है। रेस्क्यू टीम मलबे और पानी के बीच सुरक्षित तरीके से अभियान चला रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया गया है।
निष्कर्ष
पीपलकोटी THDC टनल हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन परियोजनाओं में श्रमिक सुरक्षा की गंभीरता को सामने ला दिया है। हादसे के बाद जहां राहत और बचाव अभियान जारी है, वहीं सरकार के सामने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ उनकी दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती भी है। फिलहाल दो लापता श्रमिकों की तलाश प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
स्थान: पीपलकोटी, चमोली, उत्तराखंड
तिथि: 15 अगस्त 2026



