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छह घंटे की मूसलाधार बारिश से हरिद्वार बेहाल, सड़कों से दुकानों तक भरा पानी; डीएम-एसएसपी ने संभाली व्यवस्था

हरिद्वार | 10 अगस्त 2026

कांवड़ मेले के अंतिम चरण के बीच सोमवार को हरिद्वार में करीब छह घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और बाजारों में जलभराव हो गया। कई स्थानों पर पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच गया, जबकि कुछ पार्किंग क्षेत्रों में पानी और कीचड़ भरने से कांवड़ वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

बारिश के बावजूद हरिद्वार पहुंचे कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। श्रद्धालु बारिश के बीच हरकी पैड़ी और दूसरे गंगा घाटों की ओर जाते दिखाई दिए। हालांकि जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण उन्हें कई जगह परेशानियों का सामना करना पड़ा।

भगत सिंह चौक से रानीपुर मोड़ तक जलभराव

लगातार बारिश के कारण भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और उत्तरी हरिद्वार सहित कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर जलस्तर बढ़ने से पानी दुकानों के भीतर तक पहुंच गया। दुकानदारों को खुद पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

जलभराव के कारण कुछ समय के लिए यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई। कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कांवड़ मेले के चलते पहले से ही सड़कों पर भारी भीड़ और वाहनों का दबाव था, ऐसे में बारिश के बाद बने हालात ने पुलिस और प्रशासन की चुनौती और बढ़ा दी।

पार्किंग में कीचड़ से फंसे वाहन

बारिश का असर कांवड़ियों के वाहनों पर भी दिखाई दिया। कई पार्किंग क्षेत्रों में पानी भरने के बाद जमीन पर कीचड़ हो गया। इससे कुछ वाहन कीचड़ में फंस गए और डाक कांवड़ियों की रवानगी प्रभावित हुई।

प्रशासन और पुलिस की टीमें ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी करती रहीं, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही को जल्द सामान्य कराया जा सके।

प्रशासनिक रोड और शंकराचार्य चौक भी पानी में डूबे

बारिश के बाद प्रशासनिक रोड और शंकराचार्य चौक पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही। कनखल क्षेत्र के कई हिस्सों में भी लोगों को पानी के बीच से निकलना पड़ा।

कांवड़ मेले के अंतिम चरण में हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण जलभराव वाले स्थानों पर यातायात नियंत्रण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना रहा।

मनसा देवी पैदल मार्ग पर मिट्टी बहने से बढ़ी परेशानी

लगातार बारिश के कारण मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग पर भी स्थिति प्रभावित हुई। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के तेज बहाव के कारण सड़क के नीचे से मिट्टी बह गई, जिससे रास्ते पर फिसलन बढ़ गई।

सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का काम शुरू किया। मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।

बारिश के बीच डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा

जलभराव और कांवड़ मेले की भीड़ के बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेने मैदान में उतरे। दोनों अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों के साथ-साथ प्रमुख कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने जल निकासी व्यवस्था, यातायात संचालन और कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन और पुलिस की टीमें बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए रहीं।

चार करोड़ के पार पहुंचने वाला है कांवड़ियों का आंकड़ा

कांवड़ मेले के दौरान इस वर्ष हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 3.80 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं। प्रशासन के अनुसार सोमवार को यह संख्या चार करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।

ऐसे में मौसम की चुनौती के साथ भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

जल निकासी के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं के आने और जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इस दौरान दोपहिया वाहनों की संख्या भी अधिक है। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव हुआ है, जिस पर निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। डीएम के अनुसार पुलिस और विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं, ताकि कांवड़ मेले में शामिल किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मौसम ने बढ़ाई प्रशासन की चुनौती

कांवड़ मेले के अंतिम चरण में भारी भीड़ के बीच छह घंटे की तेज बारिश ने हरिद्वार की व्यवस्थाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। हालांकि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के मौके पर उतरने से राहत एवं यातायात प्रबंधन का काम तेजी से आगे बढ़ाया गया।

निष्कर्ष

हरिद्वार में भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव जरूर हुआ, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने समय रहते मोर्चा संभालकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कांवड़ मेले के अंतिम दौर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में मौसम की हर चुनौती पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि बारिश के बीच जल निकासी, यातायात और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही को किस तरह सुचारु रखा जाता है।

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