चमोली/गैरसैंण | 24 मई 2026
चमोली जिले के गैरसैंण विकासखंड क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब छह दिन से लापता एक व्यक्ति का शव खनसर नदी में संदिग्ध परिस्थितियों में तैरता मिला। शव की हालत देखकर ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक के एक हाथ और दोनों पैर बंधे हुए थे, जबकि सिर और आंखों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीण निष्पक्ष जांच और जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।
18 मई से लापता था राजेंद्र सिंह
जानकारी के अनुसार गैरसैंण क्षेत्र के देवपुरी गांव के चिनुड़ीछानी तोक निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह पुत्र पुष्कर सिंह 18 मई की सुबह घर से काम पर निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वाड और ग्रामीणों की मदद से पूरे इलाके में लगातार दो दिनों तक सर्च अभियान चलाया था। नदी किनारे, जंगलों और आसपास के इलाकों में गहन तलाशी ली गई, लेकिन तब कोई सफलता नहीं मिल सकी।
उसी स्थान पर मिला शव, जहां पहले हो चुकी थी तलाश
रविवार को ग्रामीणों ने घर से करीब 300 मीटर दूर खनसर नदी में एक शव तैरता देखा। पास जाकर देखने पर शव की पहचान राजेंद्र सिंह के रूप में हुई। शव जिस स्थान पर मिला, वहां पिछले छह दिनों के दौरान कई बार सर्च अभियान चलाया जा चुका था।
इसी बात को लेकर ग्रामीणों में संदेह और गहरा गया है। लोगों का कहना है कि पहले कई बार तलाश के बावजूद शव नहीं मिला और अचानक उसी स्थान पर शव का मिलना कई सवाल खड़े करता है।
हाथ-पैर बंधे, सिर और आंखों पर गंभीर चोट
ग्रामीणों के अनुसार शव की स्थिति बेहद संदिग्ध थी। मृतक का एक हाथ और दोनों पैर बंधे हुए थे। इसके अलावा सिर और आंखों पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दिए। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन, चप्पल और पानी की बोतल भी बरामद हुई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीण इसे सामान्य मौत मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गैरसैंण कोतवाल मनोज सिरौला ने पंचनामा भरने से पहले जिले से फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट बुलाने का अनुरोध किया। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर श्रीनगर से फॉरेंसिक टीम और गोपेश्वर से फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कोतवाल मनोज सिरौला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर डॉग स्क्वाड की अतिरिक्त मदद भी ली जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद देवपुरी गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द खुलासा करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि हत्या हुई है तो आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
निष्कर्ष
गैरसैंण में लापता व्यक्ति का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियां कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वहीं ग्रामीणों की नजर अब पुलिस जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई है।


