देहरादून | 24 मई 2026
देहरादून में जमीनों की खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पहाड़ के लोगों और फौजियों से धोखाधड़ी करने के आरोप में कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया है। मामले में पहले ही कुख्यात जालसाज प्रदीप सकलानी और उसका साथी अजय सजवाण गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को सस्ते दामों में जमीन दिलाने का झांसा देकर लाखों और करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। इस गिरोह के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
गैंगस्टर प्रदीप सकलानी की पूछताछ में सामने आया नाम
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार जालसाज प्रदीप सकलानी से पूछताछ के दौरान कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी, पत्रकार हेम भट्ट, अमजद खान और शौकत अली के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच के दौरान अमित भंडारी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं अन्य लोगों से पूछताछ जारी है। पत्रकार हेम भट्ट को हिरासत में लेने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
30 लाख रुपये की ठगी का मामला
यह पूरा मामला पिछले साल 15 अक्टूबर को सामने आया था, जब सहस्रधारा रोड निवासी विक्रम सिंह ने रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह देहरादून में जमीन खरीदना चाहते थे।
इसके लिए उन्होंने टिहरी गढ़वाल के सत्यों सकलाना निवासी प्रदीप सकलानी और राजेंद्र नगर निवासी अभय कुमार से संपर्क किया। इनके साथ मालदेवता निवासी अजय सजवाण भी शामिल था।
आरोपियों ने मालदेवता क्षेत्र की एक जमीन को अपना बताते हुए उसका सौदा किया और विक्रम सिंह से 30 लाख रुपये ले लिए। बाद में जांच में पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया, उसका आरोपियों से कोई संबंध ही नहीं था।
पैसे मांगने पर दिए बाउंस चेक
जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उसे कई चेक दिए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की और मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस जांच शुरू होते ही आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। इसके बाद पुलिस ने प्रदीप सकलानी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि उसके खिलाफ पहले से 27 मुकदमे दर्ज हैं।
20 हजार का इनामी आरोपी निकला शातिर ठग
पुलिस के अनुसार प्रदीप सकलानी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने प्रदीप सकलानी और अजय सजवाण को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी खासतौर पर पहाड़ के भोले-भाले लोगों, फौजियों और दूसरे राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को निशाना बनाता था।
पहाड़ी होने का भरोसा दिलाकर करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को पहाड़ी मूल का बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। इसके बाद उन्हें देहरादून में सस्ते दामों पर जमीन दिलाने का लालच देता था।
गिरोह किसी और की जमीन दिखाकर उसे अपनी या परिचित की बताता और सौदा तय कर मोटी रकम वसूल लेता था। बाद में पीड़ितों को पता चलता कि जमीन का असली मालिक कोई और है।
करोड़ों की ठगी के और भी मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार प्रदीप सकलानी के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में भी तीन मुकदमे दर्ज हैं, जो करीब तीन करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की आर्थिक जांच भी कर रही है।
निष्कर्ष
देहरादून में जमीनों के नाम पर चल रहे इस बड़े फर्जीवाड़े ने कई लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। खासकर फौजियों और पहाड़ी मूल के लोगों को भरोसे में लेकर ठगी करना पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। कांग्रेस पार्षद की गिरफ्तारी के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। अब पुलिस की जांच इस बात पर टिकी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कितने लोगों को अब तक ठगी का शिकार बनाया गया।


