देहरादून | 17 जुलाई 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी शुक्रवार को देहरादून में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस संगठन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पार्टी का दावा है कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं।
कांग्रेस के अनुसार यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि युवाओं की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सीधे सुनने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का एक प्रयास है।
शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े सवालों पर होगा खुला संवाद
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों के साथ खुली चर्चा करेंगे। इस दौरान छात्र बिना किसी औपचारिकता के अपने सवाल सीधे राहुल गांधी के सामने रख सकेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, रोजगार के अवसर, बेरोजगारी, उत्तराखंड से हो रहे पलायन, उच्च शिक्षा, करियर और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की वास्तविक चिंताओं को समझना और उन्हें राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना है।
प्रदेशभर से छात्रों की भागीदारी का दावा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों से छात्रों के आने की लगातार जानकारी मिल रही है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने की अपील की।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है और यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में शिक्षा और रोजगार युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, इसलिए उनकी आवाज को गंभीरता से सुनना आवश्यक है।
छात्रों को मिलेगा अपनी बात रखने का खुला मंच
कांग्रेस नेताओं के अनुसार कार्यक्रम में छात्रों को किसी प्रकार की औपचारिक प्रक्रिया के बिना अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर मिलेगा। पार्टी का मानना है कि युवाओं के अनुभव और विचार भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
इसी उद्देश्य से पिछले कई दिनों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और जिलों में संपर्क अभियान चलाकर छात्रों को कार्यक्रम की जानकारी दी और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
राहुल गांधी और देहरादून का पुराना जुड़ाव
कांग्रेस ने राहुल गांधी और देहरादून के पुराने संबंधों का भी उल्लेख किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि देहरादून राहुल गांधी की बचपन की यादों से जुड़ा शहर रहा है और उन्होंने स्वयं यहां छात्रों के साथ संवाद करने की इच्छा जताई थी।
कांग्रेस का मानना है कि शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान रखने वाला देहरादून युवाओं के साथ इस तरह के संवाद के लिए उपयुक्त स्थान है।
युवाओं की समस्याओं को समझने का प्रयास: करन माहरा
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि प्रदेशभर के छात्र इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार यह आयोजन केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के विचारों, सुझावों और समस्याओं को समझने का एक गंभीर प्रयास है।
उन्होंने कहा कि आज का युवा रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं को लेकर गंभीर सवाल पूछ रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का छात्रों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद करना युवाओं और राजनीतिक नेतृत्व के बीच सकारात्मक संवाद की नई शुरुआत हो सकती है।
संगठन स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में
कांग्रेस संगठन ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और स्वयंसेवक कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, पंजीकरण और अन्य आवश्यक तैयारियां भी लगभग पूरी कर ली गई हैं।
पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, युवा और अभिभावक भाग लेंगे तथा विभिन्न समसामयिक विषयों पर खुलकर अपनी राय रखेंगे।
निष्कर्ष
देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम उत्तराखंड के युवाओं और छात्रों के लिए अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे राष्ट्रीय स्तर के नेता के सामने रखने का अवसर माना जा रहा है। शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पलायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होने वाला यह संवाद प्रदेश की युवा पीढ़ी की अपेक्षाओं और चुनौतियों को सामने लाने का माध्यम बन सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कार्यक्रम में उठने वाले सवालों पर राहुल गांधी क्या जवाब देते हैं और युवाओं के लिए किस तरह का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं।


