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देहरादून हत्याकांड: विवाहेत्तर संबंधों के विवाद में गई आरती की जान, बीएसएफ जवान पर प्रेमिका की हत्या का आरोप

देहरादून | 17 जुलाई 2026

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डोईवाला क्षेत्र स्थित मियांवाला में सामने आए चर्चित हत्याकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह मामला लंबे समय से चले आ रहे कथित विवाहेत्तर संबंध, पारिवारिक तनाव और आपसी विवाद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इस मामले में गुजरात के भुज में तैनात बीएसएफ जवान प्रमेन्द्र नेगी पर अपनी कथित प्रेमिका आरती को जहर देकर हत्या करने का आरोप है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

लंबे समय से चल रहे संबंध बने विवाद की वजह

पुलिस को दिए गए बयान में मृतका के पति अनिल बिष्ट ने बताया कि उनकी पत्नी आरती लंबे समय से प्रमेन्द्र नेगी के संपर्क में थी। उन्होंने दावा किया कि परिवार की ओर से कई बार आरती को समझाया गया, लेकिन उसने संबंध समाप्त नहीं किए। परिजनों ने भी कई स्तर पर समझाइश दी, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों परिवार इस रिश्ते से परेशान थे और लगातार इसे खत्म कराने की कोशिश कर रहे थे। इसके बावजूद विवाद समय के साथ और गहराता गया।

आरोपी की पत्नी भी थी संबंधों से परेशान

पुलिस जांच के दौरान मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रमेन्द्र नेगी की पत्नी भी इस कथित संबंध को लेकर काफी समय से मानसिक तनाव में थी। बताया जा रहा है कि घटना से लगभग तीन दिन पहले वह आरती के घर पहुंची थी, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विवाद हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, प्रमेन्द्र की पत्नी अपने वैवाहिक जीवन को बचाना चाहती थी, जबकि आरती के पति भी लगातार इस संबंध को समाप्त करने का प्रयास कर रहे थे। दोनों परिवारों की कोशिशों के बावजूद विवाद शांत नहीं हो सका।

आपसी तनाव ने लिया हिंसक रूप

जांच एजेंसियों के अनुसार, लगातार बढ़ते पारिवारिक दबाव और संबंधों में आई खटास के कारण प्रमेन्द्र और आरती के बीच भी मतभेद बढ़ने लगे थे। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यही तनाव धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गया और अंततः घटना ने हिंसक रूप ले लिया।

हालांकि पुलिस ने अभी तक हत्या के पीछे किसी एक निश्चित कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।

मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य बनेंगे अहम कड़ी

मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस दोनों पक्षों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि घटना से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत, मुलाकातों और डिजिटल संपर्कों से हत्या की वजह और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

हत्या का मुकदमा दर्ज, आरोपी से होगी पूछताछ

पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रमेन्द्र नेगी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है। उसके स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी, जिसके आधार पर मामले के कई अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।

डोईवाला कोतवाली प्रभारी राकेश गुसाईं ने बताया कि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण कराया जा रहा है।

शादी के वर्षों बाद सामने आया कथित प्रेम संबंध

परिजनों के अनुसार, प्रमेन्द्र नेगी और आरती के बीच कथित प्रेम संबंध कई वर्षों से चले आ रहे थे, लेकिन इसका खुलासा दोनों की शादी के काफी समय बाद हुआ।

मृतका आरती विवाहित थी और उसके 17 वर्ष तथा 15 वर्ष आयु के दो बच्चे हैं। वहीं आरोपी प्रमेन्द्र नेगी भी विवाहित है। दोनों परिवार इस संबंध को लेकर लंबे समय से असंतोष और तनाव की स्थिति में थे।

घटना के बाद होमस्टे सील

घटना जिस ब्रिज होमस्टे में हुई, वहां पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर को खाली करा दिया है। जिस कमरे में वारदात हुई, उसे साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए सील कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसके साथ ही संबंधित सरकारी विभागों ने होमस्टे के संचालन और वहां पूर्व में हुई गतिविधियों की भी जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर जारी

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना पूर्व नियोजित थी या परिस्थितियों के कारण अचानक हुई। इसके अलावा आरोपी और मृतका के बीच अंतिम मुलाकात, आर्थिक लेनदेन, डिजिटल संवाद और घटनास्थल पर मौजूद अन्य परिस्थितियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

निष्कर्ष

देहरादून का यह चर्चित हत्याकांड पारिवारिक तनाव, कथित विवाहेत्तर संबंधों और आपसी विवाद के गंभीर परिणामों की ओर संकेत करता है। फिलहाल पुलिस सभी साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। ऐसे मामलों में अफवाहों से बचते हुए केवल पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों पर भरोसा करना आवश्यक है।

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