स्थान: देहरादून, उत्तराखंड
तारीख: 28 अप्रैल 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। ‘लेट नाइट बार’ प्रकरण को लेकर एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) का पुतला दहन करते हुए जमकर नारेबाजी की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष हिमांशु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने राजपुर रोड स्थित एक बार में देर रात तक चल रही गतिविधियों को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए। छात्रों का आरोप है कि जब शहर में कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है, तब उच्च पुलिस अधिकारी ही नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं।
हिमांशु ने कहा कि यह घटना न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे अभियानों की गंभीरता पर भी संदेह पैदा करती है। उनका कहना था कि एक ओर पुलिस आम जनता पर नियम लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ अधिकारी खुद नियमों की अनदेखी करते दिख रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने संबंधित IG अधिकारी के खिलाफ तत्काल निलंबन की मांग की। साथ ही, उनकी संपत्तियों की जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा।
दरअसल, यह मामला बीते शनिवार का बताया जा रहा है, जब सख्त नियमों के बावजूद रात करीब 12:30 बजे तक एक बार में शराब परोसी जा रही थी और तेज संगीत बज रहा था। सूचना मिलने पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (IG रैंक) की मौजूदगी से स्थिति जटिल हो गई।
मामला जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा, तो देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल खुद मौके पर पहुंचे और देर रात करीब 1 बजे बार को बंद कराया गया। इस घटना ने पुलिस महकमे के भीतर भी हलचल पैदा कर दी है।
इस पूरे प्रकरण ने तब और तूल पकड़ लिया, जब सीपीआई (एमएल) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में आरोप लगाया गया कि एक IG रैंक के अधिकारी की मौजूदगी के कारण बार निर्धारित समय के बाद भी खुला रहा और पुलिस टीम को कार्रवाई करने से रोका गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर वी मुरुगेसन ने संबंधित IG और एसएसपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जांच कर मुख्यालय को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि देहरादून पुलिस ने 30 मार्च से शहर के सभी बार और नाइटक्लब के लिए रात 11 बजे तक संचालन की सख्त समय सीमा तय कर रखी है। इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन की यह घटना प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रही है।
निष्कर्ष:
देहरादून का ‘लेट नाइट बार’ विवाद अब महज एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। छात्रों का आक्रोश, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उच्च अधिकारियों की संलिप्तता के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी है, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।


