स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
तारीख: 28 अप्रैल 2026
हरिद्वार जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर हुए दो दर्दनाक हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला हादसा हरिद्वार के भूपतवाला फ्लाईओवर पर हुआ, जहां एक ट्रक अज्ञात वाहन से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक केबिन के अंदर बुरी तरह फंस गया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मायापुर फायर स्टेशन से फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आयरन कटर और अन्य उपकरणों की मदद से ट्रक के अगले हिस्से को काटकर चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतक की पहचान कृष्णवीर (निवासी मुरादनगर, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और फरार अज्ञात वाहन की तलाश जारी है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा हादसा बहादराबाद थाना क्षेत्र के पथरी पुल के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार कार और पिकअप वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई, जिससे उसमें सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान मेवड़ कला निवासी 23 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है, जो पीठ बाजार में दुकान लगाता था। वहीं, पिकअप चालक वरुण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
बहादराबाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि टक्कर मारने वाली कार और उसके चालक का पता लगाया जा सके।
दोनों घटनाएं एक ही दिन में होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। लगातार बढ़ते सड़क हादसों को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
निष्कर्ष:
हरिद्वार में हुए ये दो हादसे सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करते हैं। तेज रफ्तार, नियमों की अनदेखी और लापरवाही के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन चुकी हैं। अब जरूरत है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।


