BREAKING

धामी सरकार का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान तेज, गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन, घर के पास ही हो रहा समस्याओं का समाधान

देहरादून | 7 जुलाई 2026

उत्तराखंड सरकार ने आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को गति दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चार जुलाई से शुरू हुए 15 दिवसीय विशेष अभियान के तहत जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित कर लोगों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। अभियान के शुरुआती तीन दिनों में ही हजारों नागरिक इन शिविरों का लाभ उठा चुके हैं।

लोगों के घर तक पहुंच रहा प्रशासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के तहत प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों की टीमों को सीधे गांवों और स्थानीय क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घर के निकट ही किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।

विशेष शिविरों में मिल रही कई सरकारी सेवाएं

अभियान के तहत आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध करा रहे हैं।

इन शिविरों में समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व विभाग से संबंधित प्रमाण पत्र, कृषि उपकरण, उन्नत बीज, स्वास्थ्य परीक्षण तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का वितरण किया जा रहा है।

इसके अलावा सड़क, बिजली, पेयजल, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय विकास से जुड़ी शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया जा रहा है।

विभागों को मौके पर कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों में आने वाली शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जहां तत्काल कार्रवाई संभव है वहां मौके पर ही निस्तारण किया जाए, जबकि जटिल मामलों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी जाए।

सरकार का उद्देश्य प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को कम करना तथा सुशासन को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।

पिछले अभियान में मिले थे उत्साहजनक परिणाम

राज्य सरकार इससे पहले दिसंबर में भी 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान चला चुकी है।

उस दौरान प्रदेशभर में 681 विशेष शिविर आयोजित किए गए थे, जिनमें 5.33 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। अभियान के दौरान लगभग 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया था।

सरकार का दावा है कि इस पहल को प्रभावी जनसेवा और सुशासन के सफल मॉडल के रूप में भी सराहा गया।

योजनाओं का लाभ अब एक ही स्थान पर

सरकार का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं, वहीं सरकारी योजनाओं की पहुंच भी अधिक प्रभावी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो रही है।

सुशासन के तीन सूत्रों पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, सरल और जवाबदेह प्रशासन का अनुभव मिले।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान प्रशासन को जनता के और करीब लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेष शिविरों के माध्यम से सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। यदि यह अभियान इसी प्रभावी तरीके से आगे बढ़ता रहा, तो प्रदेश में सुशासन को और मजबूती मिलने के साथ आम नागरिकों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी और सुदृढ़ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *