पौड़ी गढ़वाल | 7 जुलाई 2026
पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर मामले का खुलासा कर गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की नकदी बरामद की गई है, जबकि पूछताछ में कई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह के फरार मुख्य सरगना की तलाश में जुटी हुई है।
परिवार के गांव जाने पर बंद मकान को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार कोटद्वार निवासी उमेश चंद बमोला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जून माह में वह अपने परिवार के साथ छुट्टियों के दौरान पैतृक गांव गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोर उनके बंद मकान का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और घर में रखी नकदी तथा सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की और विशेष टीम का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
चार दिन में पुलिस ने सुलझाया पूरा मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार जांच अभियान चलाया। चार दिनों की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने चोरी की वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित (निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), कासिफ उर्फ नन्हे (निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश), आमिर (निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश) तथा आसिफ उर्फ अमन (निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
चोरी की नकदी बरामद, कई राज खुले
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की वारदात से संबंधित 13,600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए, जिनके आधार पर पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह बंद पड़े मकानों की पहले रेकी करता था और जब यह सुनिश्चित हो जाता था कि घर में कोई मौजूद नहीं है, तभी वारदात को अंजाम दिया जाता था।
चोरी की बाइक से करते थे रेकी
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि 26 जून को उन्होंने उधम सिंह नगर जिले के किच्छा थाना क्षेत्र से एक अपाचे मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसी चोरी की बाइक का इस्तेमाल कर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बंद मकानों की रेकी की और उसके बाद लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
गिरोह का मुख्य सरगना अब भी फरार
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चोरी की इन वारदातों में गिरोह का मुख्य साथी मोहम्मद आरिफ, निवासी दिल्ली, भी शामिल था। वारदात के बाद से वह फरार चल रहा है।
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अन्य राज्यों से जुड़े अपराधों की भी होगी जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के सदस्य उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इन आरोपियों ने अन्य जिलों या राज्यों में भी इसी प्रकार की चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
इसके लिए संबंधित जिलों और राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
निष्कर्ष
पौड़ी पुलिस द्वारा अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का महज चार दिनों में खुलासा करना बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस कार्रवाई से न केवल हालिया चोरी की घटना का पर्दाफाश हुआ है, बल्कि संगठित तरीके से बंद मकानों को निशाना बनाने वाले गिरोह की कार्यप्रणाली भी सामने आई है। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपी की तलाश के साथ-साथ गिरोह से जुड़े अन्य अपराधों की जांच में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


