स्थान: देहरादून
तारीख: 22 अप्रैल 2026
देहरादून: उत्तराखंड में सड़कों पर बेतरतीब तरीके से पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स लगाने की परंपरा अब लोगों के लिए भारी पड़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजा है, जिसमें सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
समिति ने स्पष्ट किया है कि सड़क किनारे लगे ट्रैफिक साइन बोर्ड को पोस्टर या बैनर से ढकना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आम लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा से जुड़ा बड़ा खतरा
सड़क संकेतक (साइन बोर्ड) वाहन चालकों को दिशा, गति सीमा और संभावित खतरों की जानकारी देते हैं। लेकिन जब इन पर पोस्टर या फ्लेक्स लगा दिए जाते हैं, तो उनकी दृश्यता खत्म हो जाती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
बेतरतीब पोस्टर बन रहे परेशानी का कारण
अक्सर देखा गया है कि राजनीतिक कार्यक्रम, जन्मदिन या स्वागत के नाम पर सार्वजनिक स्थलों पर बड़े-बड़े पोस्टर लगा दिए जाते हैं। कई बार ये सीधे साइन बोर्ड के ऊपर या आसपास लगाए जाते हैं, जिससे ड्राइवर को जरूरी संकेत दिखाई नहीं देते।
जेल और जुर्माने का प्रावधान
सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अभय मनोहर ने अपने पत्र में कहा है कि यह मोटर वाहन अधिनियम 1988 का उल्लंघन है। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशासन को सख्त निर्देश
समिति ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इस मामले में सख्ती बरती जाए। मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को इस पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साफ है कि अब इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
चिंताजनक सड़क हादसे
राज्य में 1 जनवरी 2026 से अब तक सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। विभिन्न जिलों में कुल 68 लोगों की मौत, 234 घायल और 4 लोग लापता दर्ज किए गए हैं। पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
जिम्मेदारी का संदेश
यह निर्देश राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम जनता दोनों के लिए एक सख्त संदेश है कि सार्वजनिक स्थानों का उपयोग जिम्मेदारी से करें। किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़े।
निष्कर्ष:
पोस्टर-बैनर जैसे छोटे दिखने वाले मुद्दे का सीधा संबंध सड़क सुरक्षा से है। यदि नियमों का पालन सख्ती से कराया गया, तो कई सड़क हादसों को रोका जा सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन निर्देशों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू करता है।



