स्थान: बदरीनाथ धाम / माणा गांव
तारीख: 22 अप्रैल 2026
चमोली: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत धाम पहुंचे। उनके साथ महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं का हेलीपैड पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री धामी ने धाम पहुंचने के बाद तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मास्टर प्लान के तहत चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारत के अंतिम सीमांत गांव माणा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से संवाद किया। इस दौरान गांव की महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर उनका स्वागत किया और स्थानीय उत्पाद भेंट किए।
माणा गांव में मुख्यमंत्री ने ‘लखपति दीदियों’ से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह गांव महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है, जहां सरकारी योजनाओं और महिलाओं के परिश्रम ने विकास की नई मिसाल पेश की है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की अपील करते हुए सभी से ‘ग्रीन यात्रा’ का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से प्लास्टिक मुक्त यात्रा में सहयोग करने की बात कही।
इधर, बदरीनाथ धाम में कपाट खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर को लगभग 20 कुंतल फूलों से सजाया गया है। प्रशासन और बदरी-केदार मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे भगवान बदरी विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री धामी स्वयं मौजूद रहेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे।
निष्कर्ष:
चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव बदरीनाथ धाम में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम धामी का दौरा न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा बल्कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है।


