स्थान: देहरादून
तारीख: 22 अप्रैल 2026
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। विद्यालयी शिक्षा विभाग उत्तराखंड ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर स्कूलों के समय में बदलाव किया जा सकता है। साथ ही, तापमान बढ़ने की स्थिति में आंशिक अवकाश जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
‘वाटर बेल’ और पेयजल पर जोर
निर्देशों के अनुसार, सभी स्कूलों में नियमित अंतराल पर ‘वाटर बेल’ बजाई जाएगी, ताकि बच्चे समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचें। स्कूलों को स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के विशेष इंतजाम
विद्यालयों को कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन बनाए रखने, ओआरएस (ORS) और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखने के लिए कहा गया है। साथ ही छात्रों को हीटवेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बाहरी गतिविधियों पर रोक
तेज धूप के दौरान खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा गया है। स्कूलों को अपने स्तर पर हीटवेव एक्शन प्लान तैयार करने और उसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों की सुरक्षित घर वापसी पर भी जोर
निर्देशों में कहा गया है कि छुट्टी के बाद छात्रों को समूह में घर भेजा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे एक-दूसरे की मदद कर सकें।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निष्कर्ष:
बढ़ती गर्मी के बीच उत्तराखंड सरकार का यह कदम छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने पर स्कूलों के समय में बदलाव या अवकाश जैसे फैसले भी लिए जा सकते हैं, जिससे बच्चों को हीटवेव के प्रभाव से बचाया जा सके।


