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फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिये पाई सरकारी नौकरी, देहरादून में शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज

देहरादून | 24 अप्रैल 2026

डोईवाला (देहरादून)। फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में डोईवाला पुलिस ने एक शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उप शिक्षा अधिकारी की शिकायत के बाद की गई है।


जानकारी के अनुसार, आरोपित सहायक अध्यापिका सीमा देवी डोईवाला क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम में तैनात थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित श्रेणी का लाभ लेते हुए नौकरी प्राप्त की।


मामले की शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई। विभागीय जांच में प्रस्तुत जाति प्रमाणपत्र कूटरचित (फर्जी) पाया गया। संबंधित अभिलेखों से सत्यापन के दौरान दस्तावेजों की वैधता सिद्ध नहीं हो सकी।


जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षिका की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।


उप शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) डोईवाला शिवानी कौशल ने कोतवाली में दी गई शिकायत में बताया कि उक्त शिक्षिका को वर्ष 2013 में विकासखंड प्रतापनगर, टिहरी गढ़वाल से जारी नियुक्ति आदेश के तहत अनुसूचित जाति श्रेणी में नियुक्त किया गया था।

हालांकि, बाद की जांच में यह प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया, जिसके चलते नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया।


उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए गए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।


कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपित शिक्षिका के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।


निष्कर्ष

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामलों में प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता दिख रहा है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि ऐसे मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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