देहरादून | 24 अप्रैल 2026
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ महाआक्रोश अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत परेड ग्राउंड से महिला जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
पदयात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
भाजपा महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष के रुख का विरोध करते हुए इस महाआक्रोश अभियान की शुरुआत की है। मोर्चा का कहना है कि विपक्ष ने संसद में महिलाओं के सम्मान के खिलाफ नकारात्मक रवैया अपनाया, जिसे अब जनता के बीच उजागर किया जाएगा।
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह रवैया देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चलाया जाएगा जनजागरण अभियान
इस महाआक्रोश अभियान के तहत पूरे प्रदेश में महिला जन आक्रोश पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों में हजारों महिलाएं भाग लेकर कांग्रेस के रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगी।
अभियान के दौरान महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और महिला छात्रावासों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। युवतियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया पर दस दिनों तक विशेष अभियान चलाकर महिलाओं की आवाज को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाएगा।
इस अभियान में महिला जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। रुचि भट्ट ने प्रदेश की सभी महिलाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
निष्कर्ष
देहरादून से शुरू हुआ यह महाआक्रोश अभियान अब पूरे उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल को गर्माने वाला है। भाजपा महिला मोर्चा इस अभियान के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में माहौल बनाने और विपक्ष के विरोध को मुद्दा बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।


