देहरादून | दिनांक: 23 अप्रैल 2026
राजधानी देहरादून में लेंसकार्ट की ड्रेस कोड नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कंपनी की कथित नीति में हिजाब की अनुमति और बिंदी-तिलक जैसे हिंदू प्रतीकों का उल्लेख न होने पर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।
स्टोर्स के बाहर प्रदर्शन, लगाए भगवा ध्वज
हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित लेंसकार्ट स्टोर्स के बाहर पहुंचकर आक्रोश जताया। इंदिरा नगर और निरंजनपुर समेत कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने स्टोर के बाहर भगवा ध्वज लगाए और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
‘धार्मिक भावनाएं आहत’— संगठन
संगठन के अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि कंपनी की इस नीति से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका आरोप है कि ड्रेस कोड में हिजाब को अनुमति दी गई, लेकिन बिंदी, तिलक और टीका जैसे पारंपरिक हिंदू प्रतीकों का कोई जिक्र नहीं किया गया, जो भेदभावपूर्ण है।
नीति पर उठे सवाल, साजिश का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कंपनी की नीति को “सनातन विरोधी” बताते हुए इसे एक बड़ी साजिश करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने इस मामले में स्पष्टता नहीं दी और सभी धार्मिक प्रतीकों को समान रूप से मान्यता नहीं दी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय नेताओं की मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारी जैसे सागर ठाकुर, राधे गुप्ता और दीपक गुप्ता भी मौजूद रहे और उन्होंने भी कंपनी के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।
कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे विवाद पर लेंसकार्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और आने वाले दिनों में इस पर कंपनी की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
ड्रेस कोड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उठे इस विवाद ने देहरादून में सामाजिक और धार्मिक बहस को तेज कर दिया है। अब सबकी नजर कंपनी की प्रतिक्रिया और प्रशासन की भूमिका पर टिकी हुई है, जिससे स्थिति को संतुलित किया जा सके।


