पौड़ी गढ़वाल | दिनांक: 23 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुलदार (तेंदुए) के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह विकासखंड पौड़ी के इडवालस्यूं क्षेत्र के बमठी गांव में एक महिला को दो गुलदारों ने अपना शिकार बना लिया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
घास काटते समय घात लगाकर हमला
जानकारी के अनुसार, बमठी गांव निवासी सीता देवी सुबह अपने घर के पास खेत में घास काट रही थीं। तभी घात लगाए बैठे दो गुलदारों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमला इतना तेजी से हुआ कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दोनों गुलदार उन्हें घसीटते हुए पास की झाड़ियों में ले गए।
शव को बुरी तरह नोचा, चश्मदीदों ने सुनाई भयावह कहानी
घटना की प्रत्यक्षदर्शी एक स्थानीय महिला ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके की ओर दौड़ीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दो गुलदार महिला के शव को नोच-नोचकर खा रहे थे। शोर मचाने पर अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गए। तब तक महिला की मौत हो चुकी थी और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे।
गांव में दहशत, बच्चों का स्कूल जाना भी जोखिम भरा
इस घटना के बाद बमठी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सुबह घर से बाहर निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लग रहा है। लोगों ने वन विभाग से तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।
5 महीने में तीसरी मौत, पहले भी हो चुके हैं हमले
यह इस क्षेत्र में बीते 5 महीनों में गुलदार के हमले से तीसरी मौत है।
- 4 दिसंबर 2025 को गजल्ड़ गांव में राजेंद्र नौटियाल की मंदिर से लौटते समय हत्या कर दी गई थी।
- 15 जनवरी 2026 को बाड़ा गांव में लक्ष्मण (45 वर्ष) नामक व्यक्ति को गुलदार ने मार डाला था।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों की मांग: गुलदारों को किया जाए पकड़ या मार गिराया जाए
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में दो गुलदार लगातार घूम रहे हैं और कई बार देखे जा चुके हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इन आदमखोर गुलदारों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए या आवश्यक हो तो मार गिराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
पलायन से बढ़ी समस्या, खाली घरों में बढ़ी वन्यजीवों की आवाजाही
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांवों से लगातार हो रहे पलायन के कारण कई घर खाली पड़े हैं, जिससे जंगल और आबादी के बीच की दूरी कम हो गई है। यही वजह है कि वन्यजीव अब गांवों में आसानी से प्रवेश कर रहे हैं।
वन विभाग ने जताई चिंता
वन विभाग के डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग और स्थिति की गंभीरता को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
पौड़ी गढ़वाल में लगातार बढ़ते गुलदार हमले न केवल वन विभाग बल्कि प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।


