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देहरादून में महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम, कांग्रेस का विधानसभा के बाहर धरना

देहरादून | दिनांक: 23 अप्रैल 2026

महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में चल रही राजनीति के बीच उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने गुरुवार को विधानसभा भवन के बाहर धरना प्रदर्शन कर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग उठाई।


वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रदर्शन

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह और विधायक ममता राकेश समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


कांग्रेस का आरोप: लागू नहीं किया गया महिला आरक्षण

धरने को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में संसद से महिला आरक्षण बिल पारित होने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनदबाव में विधेयक पास तो करवा लिया, लेकिन बाद में उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।


परिसीमन से जोड़ने पर उठाए सवाल

हरीश रावत ने कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़कर जानबूझकर देरी की। उनका आरोप है कि सरकार को पहले से पता था कि परिसीमन पर राष्ट्रीय सहमति नहीं है, फिर भी इसे बिल से जोड़ना एक “सुनियोजित रणनीति” थी, जिससे आरक्षण लागू न हो सके।


गणेश गोदियाल बोले— भाजपा फैला रही भ्रम

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन भाजपा के “झूठ का पर्दाफाश” करने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाकर कांग्रेस को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है।


कांग्रेस ने अपने कार्यकाल का दिया हवाला

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनके शासनकाल में निकायों और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण का लाभ दिया गया। साथ ही, 2023 में संसद में महिला आरक्षण बिल पारित कराने में भी कांग्रेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।


भाजपा पर लगाया रोड़ा अटकाने का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण लागू करने में लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रही है और उल्टा कांग्रेस पर आरोप मढ़ रही है। पार्टी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भाजपा की नीयत साफ नहीं है।


निष्कर्ष

देहरादून में महिला आरक्षण बिल को लेकर हुआ यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमा सकता है। जहां कांग्रेस इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर उठा रही है, वहीं भाजपा पर लगाए गए आरोपों से सियासी माहौल और भी गर्माने के आसार हैं।

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