नैनीताल | 24 अप्रैल 2026
नैनीताल। नैनीताल के बिड़ला चुंगी क्षेत्र में जंगल की आग बुझाने के दौरान वन विभाग के एक दैनिक वेतनभोगी कर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
आग बुझाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बिड़ला चुंगी के पास जंगल में आग लगने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। आग पर काबू पाने के प्रयास के दौरान बिड़ला निवासी आनंद राम पहाड़ी ढलान पर काम करते समय अचानक फिसलकर नीचे गिर गए।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय उनके पास जरूरी सुरक्षा उपकरण जैसे फायर सूट और हेलमेट उपलब्ध नहीं थे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के बाद आनंद राम गंभीर रूप से घायल हो गए और अचेत अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें 108 एंबुलेंस के जरिए बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पूर्व सभासद दीपक कुमार ने बताया कि आनंद राम घटनास्थल पर मूर्छित अवस्था में मिले थे।
वन विभाग पर लापरवाही के आरोप, हंगामा
घटना के बाद अस्पताल परिसर में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि आग बुझाने में लगे कर्मियों को बुनियादी सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उचित सुरक्षा व्यवस्था होती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच के आदेश
मामले में वन क्षेत्राधिकारी ललित कार्की ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
यह घटना वन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जोखिम भरे कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


