रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ के बीच कांग्रेस अध्यक्ष ने भरा चुनावी जोश, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों का किया आगाज; प्रदेशभर से पहुंचे हजारों कार्यकर्ता
स्थान: हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड
दिनांक: 8 अगस्त 2026
उत्तराखंड की सियासत में शनिवार को हल्द्वानी से कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक तौर पर जोरदार आगाज किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हल्द्वानी पहुंचे और रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। आयोजकों के मुताबिक जनसभा में 20 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी।
खड़गे ने मंच से दिया कांग्रेस को सत्ता में लाने का संदेश
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनसभा को संबोधित करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में जनता से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने मंच से कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जनता के मुद्दों को उठाने का काम करती है।
उन्होंने कांग्रेस को देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी के प्रति जनता का भरोसा आज भी कायम है। अपने संबोधन के दौरान खड़गे ने कार्यकर्ताओं में चुनावी ऊर्जा भरने की कोशिश की और संगठन को आगामी चुनाव के लिए सक्रिय रहने का संदेश दिया।
देवभूमि और वीरभूमि को किया नमन
हल्द्वानी की सभा में खड़गे ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और वीरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ वीरों की भूमि के रूप में भी जाना जाता है।
उन्होंने कुमाऊं और गढ़वाल रेजिमेंट की देशभर में पहचान का उल्लेख करते हुए उत्तराखंड के सैनिकों और पूर्व सैनिकों के योगदान को नमन किया। खड़गे ने कहा कि इस धरती के वीर सपूतों ने देश की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उत्तराखंड के लोगों को इस विरासत पर गर्व होना चाहिए।
8 अगस्त के ऐतिहासिक संदर्भ का भी किया जिक्र
अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष ने 8 अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह दिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इसी ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए कांग्रेस अपने नए अभियान की शुरुआत कर रही है।
खड़गे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने का आह्वान किया। उनके संबोधन में आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति और राजनीतिक अभियान को गति देने का संदेश साफ तौर पर दिखाई दिया।
मंच पर प्रदेश के कई बड़े नेता मौजूद
खड़गे की जनसभा के मंच पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुरदीप सप्पल, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
जनसभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने से रामलीला मैदान पूरी तरह कांग्रेस के झंडों और समर्थकों से भरा नजर आया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण हल्द्वानी में पार्टी का शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों का माना जा रहा आगाज
कांग्रेस ने इस रैली को आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तौर पर आयोजित किया। पार्टी संगठन की ओर से रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में संपर्क अभियान चलाया गया और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में हल्द्वानी पहुंचने का आह्वान किया गया था।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हल्द्वानी की यह जनसभा पार्टी के चुनावी अभियान को नई दिशा देने वाली है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित वरिष्ठ नेताओं ने भी इसे चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम बताया।
हल्द्वानी से चुनावी माहौल बनाने की कोशिश
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हल्द्वानी में बड़ी जनसभा को पार्टी के चुनावी अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस ने इस आयोजन के जरिए एक तरफ प्रदेश संगठन की ताकत दिखाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करने का संदेश भी दिया। रैली में जुटी भीड़ और खड़गे के संबोधन ने पार्टी के आगामी राजनीतिक अभियान की दिशा का संकेत दिया है।
निष्कर्ष
हल्द्वानी की रामलीला मैदान में आयोजित मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा कांग्रेस के लिए महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बड़ा मंच बनकर सामने आई। खड़गे ने कांग्रेस को सत्ता में लाने की अपील के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास किया। अब इस रैली के बाद कांग्रेस प्रदेश में अपने संगठनात्मक अभियान को किस तरह आगे बढ़ाती है और जनसभा में उठाए गए मुद्दों को चुनावी रणनीति में कैसे शामिल करती है, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।


