ऋषिकेश/टिहरी गढ़वाल | 09 जून 2026
ऋषिकेश में गंगा नदी के तेज बहाव के बीच चार पर्यटकों की लापरवाही उन्हें मौत के मुहाने तक ले गई। हरियाणा से आए चार युवक गंगा को तैरकर पार करने की कोशिश में बीच धारा में फंस गए। स्थिति गंभीर होती देख उन्होंने मदद के लिए गुहार लगाई, जिसके बाद मुनिकीरेती जल पुलिस और वाटर रेस्क्यू टीम ने तत्काल अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए इस कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
स्वर्गाश्रम घाट पर स्नान के दौरान लिया जोखिम भरा फैसला
जानकारी के अनुसार हरियाणा निवासी चार युवक ऋषिकेश भ्रमण पर आए हुए थे। मंगलवार को वे लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र स्थित स्वर्गाश्रम घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे। स्नान के दौरान युवकों ने रोमांच के उद्देश्य से तैरकर गंगा नदी पार करने का निर्णय लिया।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन नदी के मध्य भाग में पहुंचते ही तेज बहाव और लगातार तैरने से हुई शारीरिक थकान के कारण चारों युवक असहाय हो गए। वे न तो आगे बढ़ पा रहे थे और न ही वापस लौटने की स्थिति में थे।
बीच धारा में फंसने के बाद मचाई मदद की पुकार
खुद को संकट में घिरा देख चारों युवकों ने जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगानी शुरू कर दी। घाट पर मौजूद लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल इसकी सूचना पुलिस और रेस्क्यू टीम को दी।
सूचना मिलते ही मुनिकीरेती जल पुलिस और वाटर रेस्क्यू टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई। बिना समय गंवाए मोटर बोट के जरिए गंगा नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
तेज बहाव के बीच चलाया गया सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू टीम ने गंगा की तेज धारा और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बेहद सावधानी और कुशलता के साथ अभियान चलाया। कुछ ही समय में चारों युवकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित मोटर बोट में बैठाया गया और किनारे तक लाया गया।
सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद युवकों ने राहत की सांस ली और अपनी जान बचाने के लिए जल पुलिस एवं रेस्क्यू टीम का आभार व्यक्त किया।
स्थानीय लोगों ने की टीम की सराहना
घटना के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने भी रेस्क्यू टीम की तत्परता और साहस की प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि यदि सूचना मिलने में थोड़ी भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
गंगा में बढ़ रहा जोखिम, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में गंगा नदी के जलस्तर और बहाव में अचानक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। ऐसे में तैरकर नदी पार करने या गहरे पानी में जाने का प्रयास बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
अक्सर पर्यटक रोमांच या अति आत्मविश्वास के कारण जोखिम उठाते हैं, लेकिन नदी की तेज धाराएं और शारीरिक थकान कई बार जानलेवा साबित होती हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं को जन्म दे सकती है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों से की गई विशेष अपील
घटना के बाद मुनिकीरेती जल पुलिस और वाटर रेस्क्यू टीम ने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। गंगा नदी को तैरकर पार करने की कोशिश न करें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
क्या बोले SDRF अधिकारी?
एसडीआरएफ इंचार्ज इंस्पेक्टर कविन्द्र सजवाण ने कहा कि जनसुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में जल पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर समय तैयार रहती हैं। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से इस घटना में चार युवकों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।
निष्कर्ष
ऋषिकेश में गंगा नदी के बीच फंसे चार युवकों का सफल रेस्क्यू एक बार फिर यह साबित करता है कि प्राकृतिक जलधाराओं को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। समय पर सूचना, रेस्क्यू टीम की तत्परता और समन्वित कार्रवाई के कारण एक संभावित हादसा टल गया। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे रोमांच के बजाय सुरक्षा को प्राथमिकता दें और गंगा में स्नान के दौरान निर्धारित नियमों का पालन अवश्य करें।


