स्थान : देहरादून, उत्तराखंड
तारीख : 11 जून 2026
हरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक कथित बाबा को सेलाकुई पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अनिष्ट और काले जादू का डर दिखाकर एक महिला से करीब 65 तोला सोना ठग लिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ठगी गए सोने का एक हिस्सा और लाखों रुपये की नकदी बरामद की है। पूछताछ में आरोपी ने जिस तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाने का खुलासा किया, उसने सभी को हैरान कर दिया है।
महिला की शिकायत पर खुला ठगी का पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को सेलाकुई निवासी ओशीन गुरंग ने थाना सेलाकुई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि महंत राहुल थापा ने तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर उनके परिवार के साथ किसी बड़े अनिष्ट की आशंका जताई थी। आरोपी ने दावा किया कि उनके घर पर काला जादू किया गया है और उससे मुक्ति पाने के लिए विशेष अनुष्ठान करना आवश्यक है।
महिला का आरोप था कि इसी बहाने आरोपी ने धार्मिक अनुष्ठान का झांसा देकर धोखाधड़ी से उनके और उनकी मां के लगभग 65 तोला सोने के आभूषण गायब कर दिए। शिकायत की जांच के बाद 10 जून को आरोपी राहुल थापा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
दो विशेष पुलिस टीमें गठित, आरोपी को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेलाकुई पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो अलग-अलग टीमों का गठन किया। पुलिस ने 11 जून को तेलपुरा अटक फार्म, सेलाकुई निवासी राहुल थापा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने महिला के साथ धोखाधड़ी कर आभूषण हड़पने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर ठगे गए आभूषणों को गलाकर तैयार किए गए करीब 150 ग्राम के गोल्ड बिस्किट तथा अन्य जेवर बेचकर प्राप्त लगभग 5 लाख रुपये की नकदी बरामद की। पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 15 तोला सोने के बराबर आभूषण और नकद राशि बरामद हो चुकी है।
ज्यादा पैसे कमाने की लालच में रची थी साजिश
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह वर्ष 2013 से पंडिताई और धार्मिक अनुष्ठानों का कार्य करता था। वह लोगों का भविष्य बताने और माता की चौकी लगाने का काम करता था। कई बार उसकी कही बातें संयोगवश सही साबित होने पर लोग उसे अच्छी-खासी धनराशि भेंट करते थे।
आरोपी ने स्वीकार किया कि अधिक पैसा कमाने के लालच में उसने एक विशेष योजना बनाई। वह आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों की पहचान करता और रात के समय उनके घरों के बाहर काले कपड़े में जादू-टोने से जुड़ी सामग्री रख आता। अगले दिन वह स्वयं उन्हें फोन कर यह विश्वास दिलाता कि उसे सपने या आध्यात्मिक संकेत के माध्यम से पता चला है कि उनके घर पर किसी ने काला जादू कर दिया है। इसके बाद पूजा और अनुष्ठान के नाम पर मोटी रकम और कीमती सामान ऐंठ लेता था।
रात में घर के बाहर फेंकी पोटली, सुबह फोन कर फैलाया डर
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पीड़िता ओशीन गुरंग को लंबे समय से जानता था और वह उसकी दूर की रिश्तेदार भी थी। उसे जानकारी थी कि परिवार की इकलौती बेटी होने के कारण उसके पास काफी मात्रा में सोने के आभूषण हैं। इसी लालच में उसने पूरी साजिश रची।
योजना के तहत 1 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे वह स्कूटी से महिला के घर पहुंचा और गेट के अंदर काले कपड़े में बंधी एक पोटली फेंक दी। इस पोटली में उड़द की दाल, रोली, लौंग, नींबू का टुकड़ा और अन्य पूजन सामग्री रखी गई थी, ताकि उसे देखकर लोगों को टोना-टोटका होने का भ्रम हो।
अगली सुबह आरोपी ने महिला को फोन कर बताया कि उसे आध्यात्मिक आभास हुआ है कि उनके घर पर किसी ने बड़ा काला जादू किया है। उसने महिला को घर के बाहर जाकर देखने को कहा, जहां पहले से रखी गई पोटली मिली। वीडियो कॉल के माध्यम से पोटली दिखाने के बाद आरोपी ने स्वयं घर पहुंचकर अनुष्ठान कराने की बात कही।
अनुष्ठान के बहाने ऐसे गायब कर दी करोड़ों की ज्वेलरी
महिला के घर पहुंचने के बाद आरोपी ने परिवार को अनिष्ट और बड़े संकट का भय दिखाया। उसने दावा किया कि विशेष पूजा और अनुष्ठान से ही इस संकट को टाला जा सकता है। इसके लिए उसने एक संदूक (बॉक्स) मंगवाया और महिला तथा उसकी मां से उनके सभी आभूषण एक कपड़े में बांधकर उस संदूक में रखने को कहा।
आरोपी के निर्देशानुसार आभूषणों के साथ तीन नारियल, कुछ चावल और फूल भी संदूक में रखे गए। इसके बाद उसने महिला और उसकी मां को कुछ चावल के दाने देकर घर की छत की परिक्रमा करने के लिए भेज दिया। इसी दौरान आरोपी ने मौका पाकर संदूक से आभूषण निकाल लिए और संदूक को दोबारा बंद कर दिया।
पूजा समाप्त होने के बाद उसने परिवार को निर्देश दिया कि संदूक को मंदिर में सुरक्षित रख दिया जाए और 62 दिन बाद वह स्वयं आकर उसे खोलेगा। दूसरी ओर, आरोपी चोरी-छिपे सभी आभूषण अपने साथ ले गया और बाद में उन्हें गलाकर सोने के बिस्किट तैयार कर लिए।
तीन माह पुरानी घटना, बाकी आभूषणों की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना करीब तीन माह पुरानी होने के कारण बरामदगी और साक्ष्य जुटाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद अब तक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। शेष आभूषणों की बरामदगी के लिए पुलिस आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) लेने की तैयारी कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं। साथ ही उसके संभावित सहयोगियों और इस पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
एसएसपी ने कहा— हर पहलू की गहन जांच जारी
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपी के अपराध करने के तरीके, उसके संभावित साथियों और अन्य संभावित घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
देहरादून की यह घटना अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर होने वाली ठगी का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आई है। धार्मिक आस्था का दुरुपयोग कर लोगों के मन में भय पैदा करने और फिर उसी डर का फायदा उठाकर लाखों की ठगी करने वाले ऐसे मामलों ने समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता का संदेश दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी तो गिरफ्तार हो गया है, लेकिन यह मामला लोगों को जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न फंसने की सीख भी देता है।


