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मुंबई में प्रवासी उत्तराखंडवासियों से मुख्यमंत्री धामी का संवाद, कहा– “आप ही हैं उत्तराखंड के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर”, विकास में भागीदारी का किया आह्वान

मुंबई/देहरादून | 7 जुलाई 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडवासियों के भव्य सम्मेलन में राज्य की विकास यात्रा, भविष्य की योजनाओं और विकसित उत्तराखंड के विजन को साझा किया। इस दौरान उन्होंने देश और विदेश में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों को राज्य का सबसे बड़ा “ब्रांड एंबेसडर” बताते हुए उनके ज्ञान, अनुभव, निवेश और सामाजिक योगदान को प्रदेश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही प्रवासी उत्तराखंडवासी देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हों, लेकिन उनकी जड़ें आज भी अपनी मातृभूमि से मजबूती से जुड़ी हुई हैं और यही भावनात्मक संबंध उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रवासी समाज को बताया विकास यात्रा का महत्वपूर्ण सहभागी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने विकास, सुशासन और जनसेवा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड का सपना तभी साकार होगा, जब प्रदेश और प्रवासी समाज मिलकर विकास की इस यात्रा में साझेदार बनेंगे।

उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे महानगर में रहकर भी उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखना प्रवासी समाज की बड़ी उपलब्धि है।

“प्रवासी उत्तराखंडवासी हैं राज्य के सांस्कृतिक दूत”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा के बल पर देश-विदेश में अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने प्रवासी समाज को उत्तराखंड का सांस्कृतिक दूत और सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां पूरे राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं से जोड़ने में प्रवासी परिवार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्रवासी उत्तराखंड परिषद से जुड़ रहा अनुभव और निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन किया है, जिसका उद्देश्य देश और विदेश में रह रहे उत्तराखंडवासियों की विशेषज्ञता, अनुभव और निवेश को राज्य के विकास से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, नवाचार, उद्योग, निवेश और ग्रामीण विकास जैसे अनेक क्षेत्रों में प्रवासी समाज सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।

29 गांवों को गोद लेकर बदल रहे ग्रामीण तस्वीर

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार की अपील पर अब तक देश और विदेश में रहने वाले 27 प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने राज्य के 29 गांवों को गोद लिया है।

इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बताया।

उन्होंने अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी द्वारा अपने पैतृक गांव को गोद लेने के निर्णय की भी सराहना करते हुए इसे मातृभूमि के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

सरकार की प्रमुख योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि, पर्यटन, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

उन्होंने बताया कि एक जनपद-दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, होम-स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड, लखपति दीदी और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलें स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही हैं।

निवेश, पर्यटन और रोजगार में मिली नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है।

उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से राज्य को 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है, होटल और होम-स्टे की संख्या बढ़ी है तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होने से रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिला है।

सुशासन और पारदर्शिता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसी नीतियों के माध्यम से सुशासन को और मजबूत किया गया है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए योग्य युवाओं को अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

“पहाड़ का पानी और जवानी, दोनों उत्तराखंड के काम आएं”

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां पहाड़ का पानी और युवाओं की ऊर्जा प्रदेश के विकास में ही उपयोग हो तथा किसी भी युवा को रोजगार के लिए मजबूरी में पलायन न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर गांव, मजबूत आधारभूत ढांचा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्थानीय रोजगार के अवसर विकसित कर उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रवासी समाज ने भी दिया सहयोग का भरोसा

सम्मेलन में उपस्थित प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की विकास योजनाओं और जनहितकारी निर्णयों पर विश्वास व्यक्त किया।

उन्होंने भविष्य में भी निवेश, सामाजिक सहयोग, नवाचार और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रवासी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडवासी मौजूद रहे।

निष्कर्ष

मुंबई में आयोजित प्रवासी उत्तराखंडवासियों का यह सम्मेलन केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि राज्य और प्रवासी समाज के बीच विकास की साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रवासी उत्तराखंडवासियों को राज्य के विकास का अभिन्न सहयोगी बताते हुए उन्हें निवेश, नवाचार, शिक्षा, पर्यटन और ग्रामीण विकास से जुड़ने का आह्वान किया। सरकार का मानना है कि प्रवासी समाज के अनुभव, संसाधन और सहभागिता से विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को और अधिक गति मिलेगी।

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