दिल्ली निवासी 27 वर्षीय महिला की धनोल्टी मार्ग स्थित होम स्टे में हुई थी मौत, 17 जुलाई तक मांगे गए साक्ष्य; पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी है मुकदमा
दिनांक: 8 जुलाई 2026
स्थान: मसूरी/देहरादून, उत्तराखंड
मसूरी: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में पति के साथ घूमने आई दिल्ली निवासी एक नवविवाहिता की होम स्टे में हुई संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिला प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) मसूरी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। प्रशासन ने इस मामले से जुड़े सभी पक्षों और संबंधित व्यक्तियों से 17 जुलाई तक साक्ष्य एवं तथ्य प्रस्तुत करने को कहा है।
15 जून को होम स्टे में हुई थी संदिग्ध मौत
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पी. राधा गायत्री (27 वर्ष) के रूप में हुई है। वह अपने पति सौम्या श्रीचरण के साथ दिल्ली से मसूरी घूमने आई थीं। दंपति धनोल्टी मार्ग स्थित टिपरीधार क्षेत्र के कियाना होम स्टे में ठहरे हुए थे।
बताया गया कि 15 जून 2026 को होम स्टे में ही राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
मृतका दिल्ली की रहने वाली थी
संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद के अनुसार, मृतका का स्थायी पता मास्टर ब्लॉक, मधुबन रोड, नियर चादर विला, शकरपुर, वारमल ईस्ट, नई दिल्ली है। वहीं उनका वर्तमान पता डी-2, टावर-13, किदवई नगर ईस्ट, दिल्ली बताया गया है।
दंपति पर्यटन के उद्देश्य से मसूरी पहुंचे थे और धनोल्टी मार्ग स्थित होम स्टे में ठहरे हुए थे, जहां यह दुखद घटना सामने आई।
डीएम ने कराई मजिस्ट्रेटी जांच शुरू
घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) मसूरी को जांच अधिकारी नामित किया है।
प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्तियों से भी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज लिए जाएंगे।
17 जुलाई तक मांगे गए साक्ष्य
जिला प्रशासन ने इस मामले से संबंधित किसी भी व्यक्ति, प्रत्यक्षदर्शी अथवा जानकारी रखने वाले नागरिकों से 17 जुलाई 2026 तक अपने साक्ष्य, दस्तावेज अथवा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की अपील की है। इन साक्ष्यों के आधार पर मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने बताया कि इस प्रकरण में कोतवाली मसूरी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका है। पुलिस अपनी ओर से मामले की जांच कर रही है, जबकि मजिस्ट्रेटी जांच प्रशासनिक स्तर पर घटना की परिस्थितियों और तथ्यों की स्वतंत्र समीक्षा करेगी।
निष्कर्ष
मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच होगी। पुलिस और प्रशासन दोनों स्तरों पर जांच जारी है तथा जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से 17 जुलाई तक संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील की है।


