BREAKING

सिलक्यारा टनल में बड़ा हादसा: चट्टान का स्लैब गिरने से मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, श्रमिकों ने रोका काम

उत्तरकाशी | 17 जुलाई 2026

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग (टनल) में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुरंग के भीतर निर्माण कार्य के दौरान अचानक चट्टान का एक स्लैब गिरने से एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद टनल में कार्यरत श्रमिकों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए काम बंद कर दिया।

घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

झारखंड निवासी मजदूर की गई जान

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान नरेश गंजू, निवासी बोकारो (झारखंड) के रूप में हुई है। वह निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में कार्यरत था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, देर रात सुरंग के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान ऊपर से अचानक चट्टान का एक स्लैब टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से नरेश गंजू गंभीर रूप से घायल हो गए।

सहकर्मियों और कंपनी के अधिकारियों ने तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बड़कोट पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद श्रमिकों ने रोका काम

दुर्घटना के बाद सुरंग में कार्यरत श्रमिकों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई और निर्माण कार्य रोक दिया। श्रमिकों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

उन्होंने मांग की कि मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम

कंपनी प्रबंधन ने बताया कि हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के उत्तरकाशी पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

फिलहाल मृतक का शव अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है।

कंपनी ने सुरक्षा इंतजाम होने का किया दावा

टनल निर्माण का कार्य कर रही नवयुगा कंपनी के महाप्रबंधक रविकांत सिंह ने कहा कि निर्माण स्थल पर सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध थीं।

हालांकि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कंपनी स्तर पर भी आंतरिक समीक्षा की जा रही है।

प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर एसडीएम बड़कोट बृजेश तिवारी घटनास्थल पहुंचे और पूरे मामले का निरीक्षण किया।

एसडीएम ने एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) के अधिकारियों, कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि हादसा तकनीकी कारणों से हुआ या सुरक्षा मानकों में कहीं कोई कमी रह गई थी। इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान अपनाई जा रही सुरक्षा प्रक्रियाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

श्रमिकों का कहना है कि केवल जांच ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए।

निष्कर्ष

सिलक्यारा टनल में हुआ यह हादसा एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक मजदूर की जान जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था, कार्यस्थल की निगरानी और जोखिम प्रबंधन की प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है। अब प्रशासनिक जांच, तकनीकी रिपोर्ट और कंपनी की आंतरिक समीक्षा से यह स्पष्ट होगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। साथ ही मृतक के परिजनों को उचित सहायता और न्याय दिलाना भी प्रशासन और कंपनी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *