देहरादून/मसूरी | 28 जुलाई 2026
उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब पहाड़ी क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। मसूरी के स्प्रिंग रोड क्षेत्र में मंगलवार सुबह भारी बारिश के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां भंडारी निवास के समीप स्थित एक मकान पर दो विशाल पेड़ और पुश्ता अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और भारी मात्रा में मलबा घर के अंदर तक पहुंच गया। गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
इधर, प्रदेश में जारी मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर हेली सेवाओं का तत्काल उपयोग किया जाए।
सुबह आठ बजे हुआ हादसा, राहत टीम ने संभाला मोर्चा
जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार सुबह करीब आठ बजे मसूरी के स्प्रिंग रोड स्थित भंडारी निवास के पास हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी से लगा पुश्ता कमजोर पड़ गया और उसके साथ दो बड़े पेड़ अचानक मकान की छत पर गिर पड़े। पेड़ों और मलबे के गिरने से मकान की छत को नुकसान पहुंचा तथा घर के अंदर मिट्टी और पत्थर भर गए।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। फायर कर्मियों ने वुड कटर मशीन की सहायता से छत पर गिरे दोनों पेड़ों को काटकर हटाया, जिससे आगे किसी बड़े हादसे की आशंका समाप्त हो गई। इसके बाद घर के भीतर घुसे मलबे को हटाने का कार्य भी शुरू किया गया।
महिला के मकान को नुकसान, परिवार सुरक्षित
बताया गया कि प्रभावित मकान सुनीता सेमवाल का है। पुश्ता और दोनों पेड़ों के गिरने से मकान के अंदर भारी मात्रा में मलबा भर गया, जिससे भवन को नुकसान पहुंचा। हालांकि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
राहत कार्य के दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन और फायर सर्विस की टीम का सहयोग किया तथा मलबा हटाने में मदद की।
फायर और वन विभाग ने किया संयुक्त निरीक्षण
अग्निशमन अधिकारी धीरज सिंह तड़ियाल ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और प्राथमिकता के आधार पर राहत कार्य शुरू किया। अभियान में फायर कर्मी राकेश कुमार, नितिन सिंह चौहान, अभिषेक कुकरेजी और देवेंद्र मलिक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कुछ समय बाद वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर पेड़ों के गिरने के कारणों तथा आसपास की स्थिति का आकलन किया।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने लिया नुकसान का जायजा
घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी और क्षेत्रीय सभासद पवन थलवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवार से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत एवं सफाई कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वहीं प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्षति का प्रारंभिक आकलन करते हुए प्रभावित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।
प्रदेशभर में बढ़ा बारिश का खतरा, कई क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका
लगातार बारिश के चलते मसूरी सहित कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, पेड़ों के गिरने और पुश्तों के ढहने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री धामी ने ली आपदा प्रबंधन की विस्तृत जानकारी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से प्रदेशभर की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में वर्षा की स्थिति, बंद सड़कों, नदियों के जलस्तर, जलभराव, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने राज्य और जिला स्तर के सभी आपातकालीन परिचालन केंद्रों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने तथा प्रत्येक घटना की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
29 और 30 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने 29 और 30 जुलाई को उत्तराखंड के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
29 जुलाई को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं 30 जुलाई को बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने और सड़कें जल्द खोलने के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के कारण बंद हुए सड़क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए।
इसके लिए जेसीबी, पोकलेन, डोजर सहित सभी आवश्यक मशीनरी और संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों और आवागमन में कोई बाधा न आए।
हेली सेवाएं रहें पूरी तरह तैयार
मुख्यमंत्री ने हेली सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर दुर्गम और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि कहीं भारी बारिश या भूस्खलन के कारण बिजली, पेयजल अथवा संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर उन्हें शीघ्र बहाल करें।
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जहां भी अत्यधिक वर्षा या भूस्खलन का खतरा हो, वहां यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। मौसम और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निष्कर्ष
मसूरी में मकान पर पेड़ और पुश्ता गिरने की घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे की गंभीरता को उजागर किया है। हालांकि समय रहते राहत टीमों की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पूरे प्रदेश में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट और मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बीच अब जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राहत एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है, ताकि जनहानि को रोका जा सके और प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।


